क्या अब सोना आम हो जाएगा? अमेरिका की स्टार्टअप कंपनी मैराथन फ्यूजन ने दावा किया है कि उसने न्यूक्लियर फ्यूजन तकनीक का इस्तेमाल करके पारे (Mercury) को स्थिर सोने में बदलने में सफलता हासिल की है। इस दावे ने दुनिया भर के आर्थिक विशेषज्ञों और निवेशकों के कान खड़े कर दिए हैं।
कंपनी के अनुसार, यह कोई जादू नहीं बल्कि विज्ञान है। न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर से निकलने वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रॉन्स का उपयोग करके मर्करी-198 को मर्करी-197 में बदला जाता है। यह रेडियोएक्टिव आइसोटोप जब डिके (क्षय) होता है, तो वह स्थिर गोल्ड-197 यानी असली सोने में परिवर्तित हो जाता है। कंपनी का दावा है कि उसने इस प्रक्रिया में सर्न (CERN) के पुराने रिकॉर्ड को भी 10 गुना पीछे छोड़ दिया है।
मैराथन फ्यूजन का अनुमान है कि एक गीगावॉट क्षमता वाला फ्यूजन प्लांट सालाना 2 से 5 टन तक सोना पैदा कर सकता है। हालांकि, यह अभी एक थ्योरेटिकल मॉडल है। कंपनी ने दावा तो बड़ा किया है, लेकिन अभी तक किसी स्वतंत्र संस्था ने इन प्रयोगों और सोने की शुद्धता का सार्वजनिक रूप से सत्यापन नहीं किया है।
अभी के लिए, सोने के दाम गिरने की उम्मीद कम है। दुनिया भर की खदानों से हर साल करीब 3,672 टन सोना निकलता है। ऐसे में एक प्लांट से 2-5 टन का उत्पादन वैश्विक सप्लाई पर मामूली असर ही डालेगा। साथ ही, लैब में बने सोने को बाजार में लाने से पहले रेडियोएक्टिव तत्वों की सफाई करनी होगी, जिसमें 10 से 17 साल तक का समय लग सकता है।
इतिहास गवाह है कि तकनीक ने कीमती चीजों को सस्ता बनाया है। जैसे कभी एल्युमिनियम चांदी से भी महंगा था, लेकिन नई तकनीक ने उसे रसोई के बर्तन तक सीमित कर दिया। लैब में बने हीरों ने भी प्राकृतिक हीरों की कीमतों को चुनौती दी है। सोने के मामले में चुनौती यह है कि परमाणु स्तर पर बदलाव करना बेहद महंगा और जटिल है, लेकिन अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो भविष्य में सोने की चमक और उसकी कीमत दोनों पर गहरा असर पड़ सकता है।
फिलहाल, RBI के खजाने और आम लोगों के गहनों की वैल्यू पर कोई खतरा नहीं है। यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है और व्यावसायिक रूप से इसका इस्तेमाल होने में लंबा समय लगेगा। लेकिन यह दावा साबित करता है कि विज्ञान के लिए अब कुछ भी नामुमकिन नहीं रहा। क्या यह आधुनिक कीमियागरी सोने के बाजार में बड़ा खेल कर पाएगी? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
Last month, we demonstrated high-rate alchemy: turning mercury into real, stable gold, beating CERN’s record by a factor of 10.
— Marathon Fusion (@MarathonFusion) October 21, 2026
Last week, we enriched isotopes in the world’s most powerful plasma centrifuge, beating the Soviet record that stood for 40 years.
Now, we’re building… pic.twitter.com/GFlLidBdh8
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