अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच जारी तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। ITBP के महानिदेशक ने सीमा पर सैनिकों के आमने-सामने होने की पुष्टि की है, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर चुप्पी तोड़ने का दबाव बढ़ा दिया है।
इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने एक महत्वपूर्ण बयान में खुलासा किया कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों का आमना-सामना हुआ है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अभी भी बनी हुई है। हालांकि, उन्होंने किसी विशिष्ट क्षेत्र या घटना का विवरण नहीं दिया, लेकिन सीमा पर लगातार बने तनाव की आधिकारिक पुष्टि ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
महानिदेशक ने बताया कि चीन की आक्रामक सैन्य तकनीक का मुकाबला करने के लिए भारत को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन युद्ध की तस्वीर बदल चुके हैं। ITBP अब अपनी हर प्लाटून में ड्रोन यूनिट बनाने और अपने जवानों को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित करने पर जोर दे रही है। साथ ही, सीमा पर सैनिकों की सुरक्षा के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत भूमिगत शेल्टर (Underground Shelters) भी तैयार किए जा रहे हैं।
ITBP प्रमुख के इस बयान के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा है। रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि एक तरफ ITBP जवान सीमा पर बहादुरी दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी चीन के आगे नरम रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने लद्दाख की तर्ज पर अरुणाचल में भी पेट्रोलिंग पॉइंट तक पहुंच कम होने और चीन द्वारा भारतीय क्षेत्रों के नाम बदलने जैसे गंभीर मुद्दे उठाकर सरकार से जवाब मांगा है।
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के उस पुराने बयान को भी याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई सीमा के अंदर नहीं घुसा है । कांग्रेस का तर्क है कि सरकार की यह स्पष्ट नीति न होने से देश को नुकसान हो रहा है। वहीं, जानकार मानते हैं कि सीमा पर सैनिकों का आमना-सामना होना एक जटिल सैन्य स्थिति है, जिसे केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
ITBP ने अपनी शौर्य कमांडो टीमों को और अधिक मजबूत करने की योजना बनाई है। 2030 तक फोर्स के आधुनिकीकरण के लिए भारी फंड का प्रावधान किया गया है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपये सिर्फ ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम के लिए आरक्षित हैं। अरुणाचल में चीनी सेना (PLA) की बढ़ती तैनाती के बीच, भारत अपनी सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने की दिशा में नए कदम उठा रहा है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार सीमा पर बने इस आमना-सामना के हालात पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी करेगी या नहीं।
ITBP DG Shatrujeet Kapur warns that India may not be able to counter China through traditional methods alone, given Beijing’s massive investments in modern weapons and infrastructure. https://t.co/czxQN0bbof pic.twitter.com/zlUu7sUzZn
— Shalinder Wangu (@Wangu_News18) October 23, 2026
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