अमेरिकी राजनीति में अपने बेबाक बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खलबली मचा दी है। इस बार उन्होंने प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार और नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि उनके लेखन कार्य को देखते हुए उन्हें पुलित्जर मिलना चाहिए था।
ट्रंप ने 2016 के अमेरिकी चुनाव में रूस के हस्तक्षेप की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन पत्रकारों ने भ्रामक खबरें फैलाईं और वे इस सम्मान के हकदार नहीं थे।
याद दिला दें कि 2018 में रूस-ट्रंप संबंधों की खोजी रिपोर्टिंग के लिए दो प्रमुख अमेरिकी अखबारों को संयुक्त रूप से पुलित्जर पुरस्कार दिया गया था। ट्रंप लंबे समय से पुलित्जर बोर्ड से इन अखबारों का पुरस्कार वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जिसे बोर्ड पहले ही खारिज कर चुका है।
पुलित्जर पर दावा ठोकते हुए ट्रंप ने अपने लेखक होने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वे अब तक कुल 19 किताबें लिख चुके हैं, जिनमें 1987 में आई द आर्ट ऑफ द डील सबसे चर्चित रही है। उनका तर्क है कि साहित्य और लेखन के क्षेत्र में उनके योगदान को नजरअंदाज करना अन्यायपूर्ण है।
पुलित्जर के साथ-साथ ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने का अपना पुराना मलाल भी दोहराया। उन्होंने खुद को दुनिया में कई युद्ध रुकवाने का श्रेय दिया और कहा कि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद उन्हें सम्मानित न करना वैश्विक समुदाय का दोहरा रवैया है।
ट्रंप का यह बयान सामने आते ही इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई। यूजर्स ने उनकी लेखन शैली और भाषा पर तंज कसा। एक यूजर ने लिखा, जो इंसान ढंग से वाक्य नहीं गढ़ सकता, उसे पुलित्जर चाहिए? वहीं अन्य ने उनकी अंग्रेजी और भाषण देने के तरीके को लेकर जमकर मजे लिए।
ट्रंप का यह बयान उनके पुराने रुख को दर्शाता है, जिसमें वे लगातार मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को अपने खिलाफ और पक्षपाती बताते रहे हैं। पुलित्जर बोर्ड की स्वतंत्र समीक्षा में पहले ही यह स्पष्ट किया जा चुका है कि पुरस्कार विजेता खबरों में कोई गड़बड़ी नहीं थी, लेकिन ट्रंप अभी भी इसे फेक न्यूज के दायरे में ही देखते हैं।
Trump: I didn t get the Nobel Prize. I didn t get the Pulitzer. I should have gotten the Pulitzer for writing too. pic.twitter.com/OAuyWm7to4
— Acyn (@Acyn) October 22, 2026
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