हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत ने SEM कोर्ट को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह अदालत सामान्य आपराधिक अदालतों से काफी अलग है। आइए समझते हैं कि SEM कोर्ट क्या है और इसकी शक्तियां क्या हैं।
SEM का मतलब स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट है। यह सामान्य अदालत की तरह मुकदमों का फैसला करने वाली जगह नहीं है। इसके जज कार्यपालक अधिकारी होते हैं, जिन्हें मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाती है। राज्य सरकार किसी विशेष क्षेत्र या कार्य के लिए इनकी नियुक्ति करती है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट का काम अपराधों की सुनवाई करना और दोषी तय करना है। इसके उलट, SEM का काम निवारक (Preventive) है। इनका उद्देश्य अपराध होने के बाद सजा देना नहीं, बल्कि शांति भंग होने की आशंका को पहले ही खत्म करना है।
कानून के अनुसार, SEM कोर्ट निषेधाज्ञा (जैसे BNSS की धारा 163) जारी कर सकती है। इनके पास किसी व्यक्ति से शांति बॉन्ड भरवाने और जमानतदार मांगने का अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति सुरक्षा बॉन्ड या विश्वसनीय जमानतदार पेश नहीं कर पाता, तो उसे एक निश्चित अवधि के लिए हिरासत में भेजा जा सकता है।
SEM कोर्ट के पास यह परखने का अधिकार है कि जमानतदार भरोसेमंद है या नहीं। यदि जमानतदार आरोपी के बारे में बुनियादी जानकारी (जैसे नाम, पता) नहीं दे पाता या पहचान पत्र में संदेह होता है, तो मजिस्ट्रेट उसे खारिज कर सकता है। हालांकि, यह अधिकार मनमाना नहीं होना चाहिए और इसके पीछे ठोस कारण दर्ज करना अनिवार्य है।
CJP के इन नेताओं को दिल्ली में प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन के कारण हिरासत में लिया गया था। SEM कोर्ट ने उन्हें शांति भंग करने का दोषी मानते हुए तिहाड़ जेल भेजा। अदालत का मानना था कि आरोपियों का पिछला रिकॉर्ड कानून के प्रति सम्मान नहीं दिखाता और उनके द्वारा पेश किए गए जमानतदार भी भरोसे के योग्य नहीं थे।
जी हां, SEM का आदेश अंतिम नहीं होता। CJP नेताओं ने इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती भी दी थी। हालांकि, ऐसे मामले अक्सर न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस की निवारक कार्रवाई के बीच संतुलन बनाए रखने की एक कानूनी बहस को जन्म देते हैं।
#WATCH | Delhi: CJP leaders Saurav Das and Ashutosh Ranka are brought to Mandir Marg to be produced before the SEM Court. pic.twitter.com/nzs9ptPLnr
— ANI (@ANI) October 21, 2026
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