मर्डर के दोषी को जमानत, तिरंगा लहराने वाले जेल में : सौरव-आशुतोष की गिरफ्तारी पर ध्रुव राठी का तीखा प्रहार
News Image

जंतर-मंतर का मामला और हिरासत का विवाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सुरक्षा घेरा तोड़ने और शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए इन दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। उन्होंने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

ध्रुव राठी का सिस्टम पर बड़ा हमला सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय रखने वाले ध्रुव राठी ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार और न्यायपालिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि सौरव और आशुतोष का एकमात्र गुनाह यह है कि उन्होंने वहां जाकर तिरंगा लहराया था। राठी ने आरोप लगाया कि एक तरफ उन्हें शांति भंग करने के नाम पर जमानत नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ संगीन अपराधों के दोषियों को बड़ी राहत दी जा रही है।

चुनाव लड़ने के लिए हत्यारे को मिली राहत? राठी ने अपने आरोपों के समर्थन में इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक हालिया फैसले का जिक्र किया। 19 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने प्रमोद कुमार निगम हत्याकांड के दोषी नंदलाल राय उर्फ बबलू राय को न केवल जमानत दी, बल्कि उसकी सजा पर भी रोक लगा दी।

दोषी के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया था कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता है। कोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए कहा कि एक व्यक्ति के चुनाव लड़ने के अधिकार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी बिंदु पर राठी ने तंज कसा कि कानून-व्यवस्था का यह मजाक देशभर में खुलेआम चल रहा है।

अंकिता भंडारी केस और राजनीति का साया ध्रुव राठी ने अपनी बात को आगे ले जाते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जिन वीआईपी पर सवाल उठे थे, उनमें से एक को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त कर दिया गया है। राठी का दावा है कि ऐसे फैसलों से पीड़ितों को न्याय मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है और यह सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।

कानून की दोहरी व्याख्या पर बहस यह पूरा प्रकरण अब कानूनी गलियारों और सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस का विषय बन गया है। जहां एक ओर अदालतें चुनावी अधिकारों को सर्वोपरि मानकर दोषियों को राहत दे रही हैं, वहीं विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं की हिरासत ने न्याय की समानता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब नजरें इस पर टिकी हैं कि दिल्ली हाईकोर्ट, सौरव और आशुतोष की याचिका पर क्या रुख अपनाता है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

2400 किमी पैदल चलकर फैन पहुंचा हार्दिक पांड्या से मिलने, क्रिकेटर का रिएक्शन जीत रहा दिल

Story 1

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस का खुलासा: हथियार सप्लाई करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, लॉरेंस गैंग से कनेक्शन का शक

Story 1

खरगोन में गरबा पंडाल बना अखाड़ा: बजरंग दल का विरोध कर युवतियों ने किया मोर्चा, वीडियो वायरल

Story 1

गोल्डन टेंपल में अचानक फूट-फूटकर रोने लगीं सारा अली खान, वीडियो देख फैंस हुए परेशान

Story 1

आतंकवाद पर दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे: SCO में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को आईना दिखाया

Story 1

कुरुद में रेल युग का उदय: पहली मेमू ट्रेन का हुआ ऐतिहासिक स्वागत, रायपुर से जुड़ा सफर

Story 1

हरमनप्रीत और शेफाली का कहर: जिम्बाब्वे को 92 रनों से रौंदकर भारत ने किया क्लीन स्वीप

Story 1

काशी का वह रहस्यमयी शक्तिपीठ, जहां गिरा था मां सती का दिव्य आभूषण!

Story 1

एशियन पैरा गेम्स में भारत का जलवा: प्रवीण कुमार ने रचा इतिहास, तीरंदाजी में भी मिला सिल्वर

Story 1

लगा हार्ट अटैक आ गया : टाइगर श्रॉफ के करीब हुई फायरिंग में घायल का खौफनाक अनुभव