त्यौहार पर परिवार के साथ रहें: अभिजीत दिपके की भावुक अपील, बोले- ‘आशुतोष और सौरव हमारे असली लीडर’
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नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से एक भावुक अपील की है। जेल में बंद पार्टी के प्रमुख नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बीच, दिपके ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे दीपावली के इस त्यौहार के सीजन में अपने परिवारों के साथ समय बिताएं।

आंदोलन के असली नायक हैं आशु और सौरव एक वीडियो संदेश में दिपके ने कहा कि अगर इस आंदोलन को किसी ने आगे बढ़ाया है, तो वे सौरव और आशुतोष ही हैं। उन्होंने खुद को केवल एक फॉलोअर बताते हुए कहा, बाहर से लोगों को लग सकता है कि मैं लीडर हूं, लेकिन असल में सभी बड़े फैसले वे ही लेते थे। उनकी निर्णय लेने की क्षमता मुझसे कहीं बेहतर है।

दिपके ने खुलासा किया कि वे तीनों एक ही वॉट्सऐप ग्रुप पर मीम्स शेयर करते थे और अब उन्हें उनकी बहुत याद आती है। उन्होंने समर्थकों से कहा, जब आप अपने परिवारों के साथ हों, तो कृपया आशु और सौरव को याद रखें, क्योंकि वे इस समय अपने परिजनों के साथ नहीं हैं। वे हमारे परिवार का हिस्सा हैं।

शांतिपूर्ण सत्याग्रह पर अडिग दिपके ने अपने आंदोलन की तुलना फ्रांस, बांग्लादेश और नेपाल के हिंसक प्रदर्शनों से किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके नेताओं ने हिंसा के बजाय महात्मा गांधी के सत्याग्रह का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा, सौरव और आशुतोष मुस्कुराते हुए जेल गए। उनके मन में न कोई गुस्सा है और न ही नफरत। वे अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए सजा काट रहे हैं।

फिलहाल प्रदर्शनों पर विराम दिपके ने साफ किया कि दीपावली तक CJP की ओर से किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की योजना नहीं है। उन्होंने समर्थकों का पिछले दिनों के संघर्ष के लिए धन्यवाद करते हुए कहा, आप सभी ने पिछले कुछ दिनों में बहुत संघर्ष किया है और इसके परिणाम आपके परिवारों ने भी भुगते हैं। इसलिए अब कुछ दिन अपनों के साथ बिताएं।

क्या है मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के आरोप में पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था। यह स्थान अब प्रदर्शनों के लिए प्रतिबंधित ( डी-नोटिफाइड ) है। दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कानून का सम्मान न करने के आधार पर उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी है। CJP मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के विरोध में और चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है।

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