कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने संगठन के कामकाज और विरोध-प्रदर्शनों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया है। दशहरा के मौके पर जारी एक भावुक वीडियो में उन्होंने स्वीकार किया कि संगठन के सभी बड़े फैसले उन्हीं के नहीं, बल्कि सौरव दास और आशुतोष रांका के होते थे।
मैं सिर्फ निर्देशों का पालन कर रहा था दिपके ने स्पष्ट किया कि बाहर से भले ही उन्हें नेतृत्वकर्ता समझा जाता रहा हो, लेकिन पर्दे के पीछे की पूरी कमान सौरव दास और आशुतोष रांका के हाथों में थी। उन्होंने कहा, मैं तो बस उनके आदेशों का पालन कर रहा था। मुझे उनकी काबिलियत पर भरोसा था, इसलिए मैंने फैसले लेने की पूरी छूट उन्हें दे दी थी। उन्होंने माना कि रणनीति बनाने और निर्णय लेने की क्षमता के मामले में वे दोनों उनसे काफी बेहतर हैं।
जेल में बंद साथियों के लिए छलके आंसू वीडियो के दौरान दिपके काफी भावुक नजर आए। उन्होंने सौरव और आशुतोष को अपना परिवार और भाई बताया। दिपके ने साझा किया कि आज भी वे उस व्हाट्सएप ग्रुप को खोलकर देखते हैं, जहां तीनों मीम्स शेयर किया करते थे। उन्होंने कहा कि दोनों के जेल में होने के बावजूद उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वे उनके साथ ही हैं।
दिवाली तक विरोध-प्रदर्शन पर पूर्ण विराम दिपके ने ऐलान किया है कि दिवाली तक CJP कोई भी विरोध-प्रदर्शन नहीं करेगी। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे इस दौरान ब्रेक लें और अपने परिवारों के साथ समय बिताएं। यह निर्णय तब आया है जब पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार सौरव दास और आशुतोष रांका 13 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में हैं।
जंतर-मंतर का विवाद और गिरफ्तारी सौरव और आशुतोष पर आरोप है कि उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेड्स तोड़े और प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया। उन पर शांति बॉन्ड के उल्लंघन का भी मामला है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की थी।
फ्रांस के दंगों से तुलना पर भड़के दिपके CJP के प्रदर्शनों की तुलना फ्रांस में हो रही हिंसा और आगजनी से किए जाने पर दिपके ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सौरव और आशुतोष ने जेल जाते समय भी शांति और मुस्कान बनाए रखी थी। उन्होंने इस व्यवहार की तुलना महात्मा गांधी के सत्याग्रह से करते हुए कहा कि उनके साथी अहिंसा के रास्ते पर अडिग रहे और उन्होंने कोई भी गलत कदम नहीं उठाया।
Message to all cockroaches pic.twitter.com/9e5yI9Nst0
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 20, 2026
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