नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे अपने आंदोलन को फिलहाल रोकने की घोषणा की है। इस फैसले के पीछे पार्टी के मुख्य प्रवक्ताओं की गिरफ्तारी और कानूनी मुश्किलें मुख्य कारण बताई जा रही हैं।
सौरभ और आशुतोष की गिरफ्तारी से व्यथित हुए दीपके आंदोलन पर विराम लगाने की घोषणा करते समय दीपके काफी भावुक नजर आए। पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका की जेल में बंद होने की स्थिति पर बात करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंसू डर की वजह से नहीं, बल्कि अपनों के लिए उपजे दर्द के कारण हैं।
समर्थकों को दी परिवार को समय देने की सलाह सोशल मीडिया पर लाइव आकर दीपके ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे इस त्यौहार के सीजन में अपने परिवारों के पास वापस जाएं और उनके साथ समय बिताएं। उन्होंने कहा, हम उन लोगों के लिए लड़ रहे हैं जो हमें जानते भी नहीं हैं, लेकिन मजबूती के लिए अपनों का साथ जरूरी है।
भावुकता ही हमारी असली ताकत आंदोलन के भविष्य पर बात करते हुए दीपके ने कहा कि वे पीछे नहीं हट रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, हमारी भावुकता को कमजोरी समझने की गलती न करें। यह हमारे चरित्र की ताकत है। जब सौरभ और आशु बाहर आएंगे, तो वे मुस्कान के साथ आएंगे। आप उन्हें जेल में डाल सकते हैं, लेकिन हमारे भीतर नफरत पैदा नहीं कर पाएंगे।
जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई इधर, दिल्ली पुलिस ने सौरभ दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अपनी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। उन पर कनॉट प्लेस थाने में बीएनएस की धाराओं के तहत लोक सेवक के आदेश की अवहेलना, अनधिकृत प्रवेश और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज है।
क्या है विवाद की पृष्ठभूमि? यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों और कार्यप्रणाली के खिलाफ शुरू हुआ था। पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग के भीतर उच्च पदस्थ अधिकारियों में भी फैसलों को लेकर खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं। दीपके का दावा है कि उनका संघर्ष महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर आधारित है और वे किसी भी कीमत पर अपनी वैचारिक लड़ाई जारी रखेंगे।
Message to all cockroaches pic.twitter.com/9e5yI9Nst0
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 20, 2026
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