इंडोनेशिया में बेकाबू आग: क्या ड्राई आइस से छंटेगा जहरीला धुआं? जानें पूरी हकीकत
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इंडोनेशिया के जंगलों में लगी आग ने पूरे दक्षिणपूर्व एशिया को अपनी चपेट में ले लिया है। जहरीले धुएं के गुबार से फिलीपींस, मलेशिया और सिंगापुर तक हाहाकार मचा है। सांस लेना दूभर होने के कारण स्कूलों को बंद करना पड़ा है और अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लग गई हैं। बढ़ते संकट के बीच इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो ने अब ड्राई आइस के जरिए राहत पाने का नया दांव खेला है।

क्या है ड्राई आइस और यह कैसे काम करती है? ड्राई आइस असल में ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) है। इसका तापमान -78.5 डिग्री सेल्सियस होता है। यह सामान्य बर्फ की तरह पिघलकर पानी नहीं बनती, बल्कि सीधे गैस में बदल जाती है। इस प्रक्रिया को सब्लिमेशन कहते हैं। 1946 से ही मौसम विज्ञान में इसका इस्तेमाल बादलों में बर्फ के कण बनाने के लिए किया जाता रहा है।

धुएं को हटाने का अनोखा फॉर्मूला इंडोनेशिया में ड्राई आइस का मकसद आग बुझाना नहीं, बल्कि दमघोंटू धुएं को हटाना है। अक्सर जमीन के पास गर्म हवा की एक परत बन जाती है, जो ढक्कन की तरह काम करती है और धुएं को नीचे ही दबाए रखती है। वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे हैं कि ड्राई आइस हवा को तेजी से ठंडा करेगी, जिससे यह ढक्कन (टेम्परेचर इन्वर्जन) टूट जाएगा और प्रदूषण ऊपर उठकर छंट जाएगा।

क्या यह आग बुझाने में मददगार है? साफ शब्दों में कहें तो- नहीं। ड्राई आइस आग के मुख्य स्रोत पर कोई असर नहीं डालती। इंडोनेशिया की आग पीटलैंड (सड़ी हुई जैविक मिट्टी) के नीचे तक सुलग रही है, जिसे बुझाने के लिए पानी और मूसलाधार बारिश ही एकमात्र समाधान है। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक का प्रभाव अभी पूरी तरह साबित नहीं हुआ है, क्योंकि पहले किए गए दर्जनों क्लाउड सीडिंग मिशन भी धुआं हटाने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाए हैं।

क्यों काबू से बाहर है आग? इंडोनेशिया में आग के बेकाबू होने के पीछे अल-नीनो और लंबे सूखे का बड़ा हाथ है। पीटलैंड में लगी आग को बुझाना सबसे चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि यह जमीन के अंदर तक फैल जाती है। वर्तमान में सिंगापुर और कुआलालंपुर जैसे शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में गिने जा रहे हैं। फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं और लोगों को सांस संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

आगे क्या है राह? इंडोनेशिया सरकार ने एक महीने के भीतर आग पर काबू पाने का दावा किया है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे लेकर संशय में हैं। आसियान देशों के बीच धुएं (हेज) को आपदा घोषित करने को लेकर बहस जारी है। फिलहाल, ड्राई आइस एक अस्थाई राहत तो दे सकती है, लेकिन असली समाधान मानवीय हस्तक्षेप और प्रकृति की मेहरबानी (बारिश) पर ही टिका है। क्या यह प्रयोग वाकई असर दिखाएगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

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