बस्तर में अब बंदूकों की गूंज के बजाय विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया है कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर को फिर से खुशहाल और समृद्ध बनाना केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
नक्सलवाद के घावों पर मरहम गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा कि हिंसा से प्रभावित लोगों का पुनर्वास और उन्हें सम्मानजनक जीवन देना सरकार का संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की हर निशानी को मिटाकर बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। केंद्र सरकार इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।
200 सुरक्षा कैंप बनेंगे शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा बस्तर में सुरक्षा के लिए बनाए गए 500 से अधिक शिविरों में से 200 कैंपों को अब शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा का रूप दिया जाएगा। इन केंद्रों के जरिए स्थानीय लोगों को सरकारी सेवाएं, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह कदम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को नई गति देगा।
768 दिव्यांगों को मिली नई उम्मीद दंतेवाड़ा में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित शिविर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष पहल की गई है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के 768 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र जैसे सहायक उपकरण वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह पहल दिव्यांगों के जीवन को सुगम बनाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
नियद नेल्लानार से बदल रही तस्वीर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के अंतिम छोर तक बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्रों में शुमार करना है। बस्तर अब शांति की नई सुबह की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
*वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी की गरिमामयी उपस्थिति में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी वीसी के जरिए सम्मिलित हुए। 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित इस शिविर में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरणों से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सली हिंसा से प्रभावित भाई-बहनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उनके जीवन को सुगम बनाने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के संकल्प के अनुरूप, राज्य सरकार बस्तर में शांति, पुनर्वास और विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। #SevaSankalpAbhiyan #VishnuDeoSai #AmitShah #Chhattisgarh #Bastar #DivyangjanEmpowerment #NaxalFreeChhattisgarh
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) October 15, 2026
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