पूर्व IAS दिव्या मित्तल का सियासी आगाज़: जननीति भारत के साथ 2027 के रण में उतरेंगी
News Image

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक नया अध्याय जुड़ गया है। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी और 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जननीति भारत के गठन का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे किसी स्थापित दल में शामिल होने के बजाय अपनी स्वतंत्र विचारधारा के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगी।

नीति-निर्माण में जनता की सीधी भागीदारी दिव्या मित्तल का मानना है कि राजनीति में समस्या दलों की नहीं, बल्कि जनता की बात न सुने जाने की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि सरकार केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि पूरे कार्यकाल में जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए। उनका उद्देश्य आम नागरिकों को नीति-निर्माण की प्रक्रिया में सीधे जोड़ना है।

जननीति भारत की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं पूर्व अधिकारी ने अपनी पार्टी के वैचारिक आधार के लिए तीन मुख्य बिंदु तय किए हैं:

  1. जन-केंद्रित नीतियां: नीतियां बंद कमरों में नहीं, बल्कि जनता की जरूरतों और सुझावों के आधार पर बननी चाहिए। विशेषज्ञ केवल उन समस्याओं को सुलझाने का रास्ता तैयार करेंगे जो लोग खुद बताएंगे।
  2. समानता आधारित निर्णय: सरकारी फैसलों में किसी व्यक्ति की पहचान या सिफारिश के बजाय उसकी वास्तविक जरूरत को प्राथमिकता दी जाएगी।
  3. पारदर्शी निगरानी: सरकारी योजनाओं के आवेदनों और विकास कार्यों की स्थिति को डिजिटल किया जाएगा। जनता अपने मोबाइल पर देख सकेगी कि उनका काम किस स्तर पर है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।

प्रशासनिक अनुभव से चुनावी मैदान तक दिव्या मित्तल ने मेरठ, गोंडा, संत कबीर नगर, देवरिया और मिर्जापुर जैसे जिलों में प्रशासनिक सेवाएं दी हैं। मिर्जापुर की डीएम रहते हुए सुदूर गांव लहुरिया दह तक पाइप से पानी पहुंचाने के उनके साहसी कदम की काफी सराहना हुई थी। प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब वे सीधे जनता के बीच अपनी नई पारी शुरू कर रही हैं।

मिर्जापुर सदर में बढ़ेगी सियासी गर्मी सूत्रों के अनुसार, दिव्या मित्तल मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। यह सीट वर्तमान में भाजपा का अभेद्य किला मानी जाती है, जहां से रत्नाकर मिश्रा लगातार दो बार विजयी रहे हैं। उनकी एंट्री से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय या अधिक रोचक होने की पूरी संभावना है।

व्यवस्था में बदलाव का संकल्प राजनीति को व्यवस्था बदलने का जरिया बताती हैं दिव्या मित्तल का कहना है कि प्रशासनिक तंत्र में कई बार जवाबदेही की कमी के कारण जनता पिसती है। अब वे उसी तंत्र को सुधारने के लिए जन-आवाज बनकर चुनावी रण में उतरने को तैयार हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

छोटे व्यापारियों के लिए सुनहरा मौका: MSME मंत्रालय उठाएगा विदेश यात्रा का खर्च, ऐसे करें आवेदन

Story 1

मनोरंजन जगत में हिंदूफोबिया पर एकता कपूर का बड़ा खुलासा, कहा- टीका लगाने पर उड़ाया जाता था मजाक

Story 1

कल भारत में दस्तक देगा Tecno का नया 5G स्मार्टफोन, क्या 15 हजार से कम होगी कीमत?

Story 1

राघोपुर नाव हादसा: तेजस्वी यादव का जोरदार विरोध, जनता बोली- आपसे कुछ नहीं हो रहा तो इस्तीफा दीजिए

Story 1

इमरान खान पर गिरी गाज: विदेशी नागरिकता के कारण भारत छोड़ने का मिला नोटिस

Story 1

राहुल गांधी की पोस्टर गर्ल पर भड़की बीजेपी: नेहा बोरा की सोच को बताया बांग्लादेशी साजिश

Story 1

दिल्ली हाफ मैराथन: दौड़ के लिए दौड़ेगी मेट्रो, सुबह 3:30 बजे से शुरू होंगी विशेष सेवाएं

Story 1

लद्दाख को बड़ी सौगात: 3,350 करोड़ की 5 परियोजनाओं का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

Story 1

दहला दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल डिपो: हूतियों के मिसाइल हमले से भड़का सऊदी अरब, तेल संकट का खतरा

Story 1

अभिषेक शर्मा का धमाका: सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ बने नए सिक्सर किंग