दिवाली का सीजन करीब आते ही ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के बीच एक खबर तेजी से फैल रही है कि डिलीवरी पर अब 5% अतिरिक्त GST देना होगा। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सरकार ने फूड डिलीवरी और ऑनलाइन ऑर्डर्स पर नया टैक्स लगा दिया है।
क्या यह सच है? आइए जानते हैं इस वायरल दावे की सच्चाई।
यह दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने डिलीवरी पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। इसके उलट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए दी जाने वाली कुछ डिलीवरी सेवाओं पर पहले 18% GST लगता था, जिसे घटाकर अब 5% करने की सिफारिश की गई है।
GST काउंसिल की 57वीं बैठक में डिलीवरी सेवाओं को लेकर नियमों को तर्कसंगत बनाने की बात कही गई है। इसे नया टैक्स समझने की गलती न करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के माध्यम से दी जाने वाली कुछ विशिष्ट डिलीवरी सेवाओं पर बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वाली 5% GST दर लागू करने की योजना है।
यह टैक्स ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ के रूप में नहीं थोपा गया है। काउंसिल के अनुसार, यदि डिलीवरी करने वाले सेवा प्रदाता को GST रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है, तो ई-कॉमर्स ऑपरेटर धारा 9(5) के तहत टैक्स चुकाने के लिए जिम्मेदार होगा। वहीँ, यदि डिलीवरी प्रदाता पहले से GST के दायरे में आता है, तो टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी उसी की होगी।
ध्यान दें कि सामान्य कूरियर और पोस्टल सेवाओं को इस विशेष व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इसका मतलब यह है कि हर तरह की डिलीवरी सर्विस पर एक ही नियम लागू नहीं होगा। इसलिए सोशल मीडिया पर दौड़ रही हर ऑनलाइन ऑर्डर पर 5% टैक्स वाली बात पूरी तरह आधारहीन है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी ये बदलाव केवल सिफारिशें हैं। इन्हें विधिवत लागू करने के लिए सरकार को अलग से अधिसूचना (Notification) जारी करनी होगी। फिलहाल, दिवाली की शॉपिंग के लिए आपको किसी नए टैक्स का सामना नहीं करना पड़ेगा।
निष्कर्ष: ऑनलाइन शॉपिंग पर 5% अतिरिक्त GST का दावा सिर्फ एक अफवाह है। सच्चाई यह है कि सरकार डिलीवरी सेवाओं पर टैक्स का बोझ कम करने की दिशा में काम कर रही है। दिवाली की शॉपिंग आप बिना किसी डर या दुविधा के कर सकते हैं।
The claim made in this post is wrong and factually incorrect.
— CBIC (@cbic_india) October 10, 2026
Delivery services, for example those provided by food apps, were earlier taxed at 18%.
The tax on these delivery services has now been reduced to 5% as recommended in the 57th GST Council meeting.
All delivery… https://t.co/frrAHbMuu9 pic.twitter.com/qwyozbatpG
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