वैशाली नाव हादसा: 13 बच्चों की मौत से मातम, डीएम वर्षा सिंह को झेलना पड़ा तीखा विरोध
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वैशाली में हुए एक दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में 13 बच्चों की जान चली गई, जिसके बाद से ही प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंचीं जिलाधिकारी वर्षा सिंह को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

विरोध और भावुकता का मिला-जुला मंजर मंगलवार रात जब डीएम वर्षा सिंह घटनास्थल पर पहुंचीं, तो वहां का माहौल तनावपूर्ण था। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं में कमी, एंबुलेंस की अनुपलब्धता और जर्जर नावों की अनदेखी को लेकर जमकर नारेबाजी की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि डीएम को वहां से वापस लौटना पड़ा।

हालांकि, इसी बीच एक बेहद भावुक दृश्य भी देखने को मिला। अपने बच्चों को खो चुकी एक मां डीएम वर्षा सिंह से लिपटकर बिलखती नजर आई। महिला ने दर्द भरी आवाज में कहा, मेरे सारे बच्चे चले गए, अब सिर्फ एक बचा है। अगर यही आपके साथ होता तो कैसा लगता? इस दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया।

कौन हैं डीएम वर्षा सिंह? वर्षा सिंह 2016 बैच की बिहार कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से खगड़िया जिले की रहने वाली वर्षा सिंह ने अपनी पढ़ाई नागपुर से पूरी की है। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने गोपालगंज में एसडीएम और अरवल में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया है।

वैशाली का डीएम बनने से पहले वह नगर विकास एवं आवास विभाग में अपर सचिव और पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने 2 जून 2025 को वैशाली के डीएम के रूप में कार्यभार संभाला। अपनी सादगी के लिए जानी जाने वाली वर्षा सिंह इससे पहले बांध के रिसाव को रोकने के लिए आधी रात को खटिया पर बैठकर मॉनिटरिंग करने और कीचड़ में उतरकर धान रोपने जैसी घटनाओं के कारण चर्चा में रही हैं।

क्यों भड़के ग्रामीण? ग्रामीणों का आरोप है कि ये हादसा प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस नाव पर बच्चे सवार थे, वह बेहद पुरानी और जर्जर थी। ग्रामीणों का दावा है कि नाव को बदलने के लिए पहले भी कई बार आवेदन दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

अस्पताल की दुर्व्यवस्था पर भी बड़े सवाल उठे हैं। लोगों का कहना है कि जब घायल बच्चे अस्पताल पहुंचे, तो वहां न पर्याप्त डॉक्टर थे और न ही वेंटिलेटर जैसी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं। फिलहाल, पूरा इलाका गहरे शोक में डूबा है और लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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