पाकिस्तान में सियासी उबाल: पेशावर में गवर्नर हाउस का घेराव, PTI कोर्ट में देगी राज्यपाल शासन को चुनौती
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पेशावर का रण: सड़क से कोर्ट तक जंग पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच तनातनी अब अपने चरम पर है। खैबर पख्तूनख्वा में राज्यपाल शासन (Governor Rule) और आपातकाल लागू होने के बाद, PTI ने इसके खिलाफ अदालत का रुख करने का ऐलान किया है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि चुनी हुई सरकार को हटाना असंवैधानिक है।

कानूनी लड़ाई की तैयारी PTI के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने पुष्टि की है कि कानूनी टीम ने याचिका तैयार कर ली है। पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने घोषणा की है कि वे हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती देंगे। उनका कहना है कि पार्टी संवैधानिक दायरे में रहकर इस दमनकारी नीति के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

इमरान खान की रिहाई और लॉन्ग मार्च यह सारा बवाल इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर निकाला जा रहे लॉन्ग मार्च से शुरू हुआ। इमरान तीन साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं। पेशावर में पार्टी समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और कार्यकर्ताओं ने गवर्नर हाउस को घेरकर सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया है।

सरकार की दलील: आतंकवाद बनाम राजनीति सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल का बचाव करते हुए इसे आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कदम बताया है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी और सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि प्रांत के दक्षिणी जिलों में आतंकवादी प्रशासन का हिस्सा बन चुके थे। सरकार का आरोप है कि वहां सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी थी।

मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी से भड़का आक्रोश केपीके के हटाए गए मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्यों को निवारक हिरासत (Preventive Detention) में ले लिया गया है। अफरीदी इस मार्च का नेतृत्व कर रहे थे, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा और बढ़ गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे मार्च को इस्लामाबाद तक नहीं पहुंचने देना चाहते।

संवैधानिक पेच और आगे की राह कानून मंत्री आजम नजीर तरार के मुताबिक, संविधान के अनुच्छेद 232 के तहत यह आपातकाल लगाया गया है। इसे अधिकतम छह महीने तक लागू रखा जा सकता है, जिसकी समीक्षा हर दो महीने में संसद के संयुक्त सत्र में की जाएगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कोर्ट इस राजनीतिक संकट पर क्या रुख अपनाता है।

पाकिस्तान में इस समय हालात गंभीर हैं। एक तरफ सरकार आतंकवाद का हवाला देकर अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है, तो दूसरी तरफ PTI इसे इमरान खान समर्थकों को कुचलने की साजिश बता रही है। दोनों पक्षों के बीच जारी इस टकराव ने देश को एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।

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