असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के मुद्दे पर छिड़ी बहस के बीच सरमा ने कांग्रेस की चुनावी हार और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनके रुख पर तीखे कटाक्ष किए हैं।
मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर मुख्यमंत्री सरमा ने SIR का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री इंद्रजीत गुप्ता का उदाहरण देते हुए दावा किया कि संसद में खुद यह स्वीकार किया गया था कि असम की मतदाता सूची में 30 लाख विदेशी नागरिकों के नाम शामिल हैं। सरमा ने असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में जनसांख्यिकीय बदलाव और बांग्लादेशी घुसपैठ को बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए गहन समीक्षा अनिवार्य है।
विदेशी शक्तियों और संस्थानों को कमजोर करने का आरोप सरमा ने राहुल गांधी पर सीधा आरोप लगाया कि वे देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं जैसे सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग को कमजोर करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि अदालती फैसलों से असहमति जताने के लिए न्यायिक परिसरों में हंगामा करना गलत परंपरा है। उनके अनुसार, राहुल गांधी नई पीढ़ी को यह गलत संदेश दे रहे हैं कि चुनाव हारने पर सीधे वोट चोरी का आरोप मढ़ देना ही आसान रास्ता है।
विपक्षी दलों की घेराबंदी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए सरमा ने कहा कि बंगाल में जनता का समर्थन न मिलने के कारण ही उन्हें दिल्ली की सड़कों पर विरोध करना पड़ रहा है। वहीं, नगांव में बीजेपी की जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि वाकई वोट चोरी हुए होते, तो वहां की जनता विरोध में सड़कों पर उतरती, जबकि वहां जश्न मनाया जा रहा है।
70 वर्षों की हार का हिसाब सरमा ने कांग्रेस के दशकों पुराने सत्ता से बाहर रहने के आंकड़ों को गिनाते हुए राहुल गांधी से तीखा सवाल किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में 70 साल, बंगाल में 50 साल, बिहार और यूपी में 37 साल और गुजरात में 31 साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। उन्होंने तंज कसा, तब जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे और ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्त नहीं थे, तब कांग्रेस क्यों हारी? तब क्या वोट चोरी हुए थे या जनता का दिल चोरी हो गया था?
युवाओं को भड़काने की साजिश मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों द्वारा युवाओं को सड़कों पर उतारने की रणनीति को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों का काम युवाओं को शिक्षा, इनोवेशन और स्टार्टअप के लिए प्रेरित करना है, न कि उन्हें विरोध प्रदर्शनों में ढाल बनाना। सरमा ने सवाल किया कि क्या माता-पिता अपने बच्चों को इसलिए पालते हैं कि वे राजनीतिक दलों के इशारे पर सड़कों पर हंगामा करें?
#WATCH | Guwahati, Assam: On SIR, Chief Minister Himanta Biswa Sarma says, Why does the country need an SIR today? When Indrajit Gupta was Home Minister, he himself stated in Parliament that the names of 30 lakh foreign nationals were included in the Assam voter list. The… pic.twitter.com/NraxB1yWM1
— ANI (@ANI) October 12, 2026
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