जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM दोषी : CM योगी ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला, दी कड़ी चेतावनी
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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है। गोरखपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर जबरदस्त हमला बोला। उन्होंने चुनाव नतीजों के बाद ईवीएम और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की कांग्रेस की आदत को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

अराजकता की राजनीति बंद करे कांग्रेस मुख्यमंत्री योगी ने तीखे शब्दों में कहा कि कांग्रेस अब अराजकता की पर्याय बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए पार्टी देश में अस्थिरता का माहौल पैदा कर रही है। सीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भारत की जागरूक जनता लोकतंत्र के नाम पर किसी भी प्रकार की अराजकता को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी।

जीत अपनी, हार का ठीकरा दूसरों पर योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के दोहरे मानदंडों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, जब ये चुनाव जीतते हैं तो इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन हारते ही ईवीएम और चुनाव आयोग को दोषी ठहराने लगते हैं। सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि केवल चुनाव आयोग ही नहीं, बल्कि कांग्रेस अब न्यायिक फैसलों और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी हमला कर रही है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है।

यूपी से क्यों गायब है कांग्रेस? मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व से सीधा सवाल किया कि आखिर जनता उन्हें बार-बार क्यों ठुकरा रही है? उन्होंने याद दिलाया कि 1985 के बाद से कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सत्ता से पूरी तरह बाहर है। सीएम के अनुसार, यह कांग्रेस से जनता के मोहभंग का बड़ा प्रमाण है। उन्होंने पार्टी को सलाह दी कि आत्ममंथन करने के बजाय वे दूसरों पर आरोप मढ़ने में समय बर्बाद कर रहे हैं।

दिल्ली के विरोध-प्रदर्शनों पर निशाना दिल्ली में कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी सीएम योगी ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से न केवल आम जनता को परेशानी होती है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की छवि को धूमिल करने की सुनियोजित साजिश भी रची जाती है। उन्होंने नेतृत्व को नसीहत दी कि वे अपनी कार्यशैली बदलें और नकारात्मक राजनीति छोड़कर सकारात्मक बहस का हिस्सा बनें।

लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन जरूरी अंत में, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को चेतावनी दी कि यदि वे इसी तरह असंवैधानिक गतिविधियों और अव्यवस्था को बढ़ावा देते रहे, तो जनता उन्हें और भी बड़ा राजनीतिक नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने आह्वान किया कि सभी राजनीतिक दलों को संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि इसी में देश का हित निहित है।

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