क्या थी सीजेपी की शिकायत? कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अभिजीत दीपके की मां ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका दावा था कि शनिवार को जब अभिजीत हिरासत में थे, तब उन्हें उनकी दादी के निधन की सूचना नहीं दी गई थी। इस मामले ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तूल पकड़ लिया था।
पुलिस ने जारी किया वीडियो सबूत विवाद बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक वीडियो जारी कर इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जैसे ही उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली, पुलिसकर्मी तुरंत अभिजीत के पास पहुंचे।
संवेदना के साथ दी गई सूचना डीसीपी (पीआरओ) नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूरी संवेदनशीलता के साथ अभिजीत को दादी के निधन और उनके अंतिम संस्कार के समय की जानकारी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अभिजीत को उनके गृह नगर जाने के लिए हर संभव मदद की पेशकश भी की थी।
अभिजीत ने ठुकराई मदद पुलिस का दावा है कि उन्होंने न केवल अभिजीत को परिवार से बात करने की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा, बल्कि उन्हें घर भेजने के लिए यात्रा में सहायता का भी विकल्प दिया। हालांकि, पुलिस के अनुसार, अभिजीत ने इन तमाम मानवीय आधार पर दी गई पेशकशों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
जमानत की शर्तें और कानूनी पेच अभिजीत दीपके के इस दावे पर कि उन्होंने किसी बांड पर साइन नहीं किया है, पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने कहा कि जमानत की शर्तों के पालन के लिए वे बाध्य हैं। यदि वे शांति बनाए रखने की शर्त का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जंतर-मंतर से पहले हुई थी हिरासत गौरतलब है कि शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को एक विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था। कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
रिहाई के बाद सीजेपी का दावा रविवार सुबह तीनों नेताओं को एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सीजेपी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने इसे अपनी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें एक साल तक शांति भंग न करने की शर्त पर रिहा किया गया है, जिसे पार्टी एक बड़ी सफलता के रूप में देख रही है।
The information regarding the demise of Abhijeet’s grandmother was promptly conveyed to him with due sensitivity. He was also informed of the scheduled funeral time and offered all possible assistance to facilitate his travel to his hometown on humanitarian grounds, however he… pic.twitter.com/MSq1FlmiBZ
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 11, 2026
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