पड़ोसी देश नेपाल में रविवार तड़के प्राकृतिक आपदा ने भारी कोहराम मचा दिया। गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और लैंडस्लाइड ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में अब तक 36 से अधिक मकान और कई पुल बह गए हैं।
लैंडस्लाइड से रुका नदी का रास्ता प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आपदा की शुरुआत सुबह करीब 4 बजे हुई। चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के लोकपा और चुमलिंग इलाके के बीच एक बड़े लैंडस्लाइड के कारण नदी का प्रवाह बाधित हो गया था। जलधारा के रुकने से पानी का दबाव बढ़ा और अचानक बांध की तरह टूटकर बाढ़ के रूप में नीचे की ओर आया, जिससे सल्लेरी, पायूका और जगत जैसे गांवों में भारी तबाही हुई।
नेपाली सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही नेपाली सेना को सक्रिय कर दिया गया। सेना ने हवाई और जमीनी मार्ग से राहत कार्य शुरू किया है। अब तक जगत इलाके से 6 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हालांकि, अभी भी 4 लोगों के लापता होने की खबर है, जिनकी तलाश जारी है। स्थानीय प्रशासन ने फिलहाल किसी की मौत की पुष्टि नहीं की है, लेकिन नुकसान का दायरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन की चेतावनी और अलर्ट नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए तत्काल चेतावनी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी तट से दूर रहें और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर शरण लें। त्रिशूली दोभान तक के इलाकों को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
क्या बिहार पर भी मंडरा रहा है खतरा? बूढ़ी गंडकी नदी में आई इस बाढ़ ने भारत के पड़ोसी राज्य बिहार की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। बूढ़ी गंडकी का पानी आगे चलकर नारायणी (गंडक) नदी में मिलता है, जो भारत में प्रवेश करती है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस बाढ़ का कितना असर बिहार के जलस्तर पर पड़ेगा, लेकिन पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और वैशाली जैसे जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में हाल के महीनों में यह दूसरी बड़ी जल त्रासदी है। इससे पहले 26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें बड़ी संख्या में जनहानि हुई थी। फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और नुकसान के आकलन पर केंद्रित है।
*बुढीगण्डकी नदीमा आएको बाढीपश्चात् खोज तथा उद्धार कार्यका लागि नेपाली सेनाको फौज हवाई तथा स्थल मार्गबाट खटिई पहिरोको जोखिममा रहेको जगत इलाकाबाट ६ जनाको हवाई उद्धार गरेको । काठमाडौँमा रहेको composite quick reaction team समेत हवाई साधनबाट उक्त इलाकामा तैनाथ भएको । pic.twitter.com/nCCqo5zdCB
— Nepali Army (@NepaliArmyHQ) October 11, 2026
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