CJP का जंतर-मंतर मार्च : अजिंक्य शिंदे ने दिया पुलिस को करारा जवाब, कहा - जहाँ रोकोगे, वही जंतर-मंतर बनेगा
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दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन तेज हो गया है। दिल्ली पुलिस की तमाम पाबंदियों के बीच पार्टी ने अब एक नई रणनीति अपनाई है।

पुलिस रोके तो वहीं डट जाओ CJP के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने समर्थकों से जंतर-मंतर की ओर मार्च जारी रखने की अपील की है। शिंदे ने प्रदर्शनकारियों को एक गजब का मंत्र दिया है: यदि पुलिस आपको रास्ते में रोकती है, तो वहीं बैठ जाओ। जहां पुलिस आपको रोकेगी, वही स्थान आपका जंतर-मंतर होगा। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन किसी एक स्थान का मोहताज नहीं है।

नेताओं की गिरफ्तारी के बाद कमान बदली आंदोलन की शुरुआत में ही बड़ा उलटफेर देखने को मिला। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुँचते ही विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, इससे पहले ही दीपके ने एक रिकॉर्डेड वीडियो जारी कर आंदोलन की कमान अजिंक्य शिंदे को सौंप दी थी ताकि विरोध प्रदर्शन की गति न रुके।

कौन हैं अजिंक्य शिंदे? अलीबाग (महाराष्ट्र) के रहने वाले अजिंक्य शिंदे एक प्रोफेशनल बैकग्राउंड से आते हैं। कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन करने वाले शिंदे पहले एक आईटी कंपनी में काम कर चुके हैं। राजनीति में आने के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की महाराष्ट्र टीम में सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया और गोवा में चुनावी अभियान भी संभाला। फिलहाल, वे CJP के नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज के तौर पर पार्टी की धुरी बने हुए हैं।

दिल्ली में दिनभर चला गहमागहमी का दौर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुबह से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी थी। प्रदर्शन के लिए अनुमति न मिलने के बावजूद, समर्थकों का पहुंचना जारी रहा।

बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास से 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, एयरपोर्ट से नेताओं की गिरफ्तारी और शहर के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें दिन भर सुर्खियाँ बनी रहीं।

क्या है CJP की मांगें? कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य रूप से दो मुद्दों पर विरोध कर रही है:

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।
  2. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तुरंत रोकना।

पार्टी का आरोप है कि फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता सूची की प्रक्रिया में गंभीर खामियां हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। प्रशासन की सख्‍ती के बावजूद CJP समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।

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