जंतर-मंतर पर थमेगा नहीं प्रदर्शन: अजिंक्य शिंदे संभालेंगे CJP की कमान, नई रणनीति का हुआ एलान
News Image

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन थमता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा पार्टी के प्रमुख चेहरों को हिरासत में लेने के बाद भी CJP ने हार नहीं मानी है। पार्टी ने अब कमान अपने ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज अजिंक्य शिंदे को सौंप दी है।

अभिजीत दिपके का पहले से था प्लान B CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, अपनी गिरफ्तारी की आहट को भांपते हुए अभिजीत ने कल रात ही एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। इस वीडियो के जरिए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी अनुपस्थिति में अजिंक्य शिंदे प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे।

दिग्गज नेताओं की धरपकड़ जारी प्रदर्शन को विफल करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। मुंबई से दिल्ली आते ही पार्टी के प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। इसके अलावा, चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को भी पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है। पुलिस का यह एक्शन उन लोगों के खिलाफ भी जारी है जो इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे थे।

कौन हैं अजिंक्य शिंदे? अजिंक्य शिंदे अब CJP के नए फ्रंटलाइन लीडर बनकर उभरे हैं। वे पार्टी के नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज हैं। अजिंक्य का राजनीतिक इतिहास आम आदमी पार्टी (AAP) से गहरा जुड़ा रहा है। वे महाराष्ट्र में आप की यूथ विंग के कन्वीनर रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन निर्माण टीम का हिस्सा भी रहे हैं।

कॉरपोरेट से राजनीति तक का सफर अजिंक्य की पृष्ठभूमि राजनीति से इतर आईटी सेक्टर की रही है। कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने पुणे की एक अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनी में काम किया है। 2016 में गोवा चुनाव के दौरान अभिजीत दिपके से उनकी मुलाकात हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर पूर्णकालिक राजनीति का रास्ता चुना।

प्रदर्शन की अब क्या होगी दिशा? एक तरफ पुलिस का सख्त पहरा और बड़े नेताओं की गिरफ्तारी है, तो दूसरी ओर अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में CJP ने जंतर-मंतर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का संकल्प लिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अजिंक्य शिंदे पुलिस की कड़ी घेराबंदी के बीच प्रदर्शन को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा पाएंगे या प्रशासन इसे पूरी तरह रोकने में सफल रहेगा।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

दिल्ली में सुरक्षा का पहरा: 45 मेट्रो स्टेशन बंद, कनॉट प्लेस में सन्नाटा, व्यापारियों को ₹2,000 करोड़ का झटका

Story 1

नोबेल मिलते ही नवी पिल्लई ने उड़ाया ट्रंप का मजाक, कहा- थोड़ी और ताली बजाएं तो शायद पुरस्कार बांट लूं!

Story 1

जंतर-मंतर पर बवाल: प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव, सब-इंस्पेक्टर सहित कई जवान घायल

Story 1

जंतर-मंतर नहीं, अब दिल्ली हाट बना प्रदर्शन का नया केंद्र; नेहा बोरा और योगेंद्र यादव हिरासत में

Story 1

पनामा में 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप: सड़कें टूटीं, इमारतें ढहीं; राष्ट्रपति ने घोषित की बड़ी आपदा

Story 1

भारत को नसीहत देने वाले ट्रंप अब खुद रूस से खरीदेंगे डीजल, बदली अमेरिका की नीति

Story 1

कौन हैं अजिंक्य शिंदे? अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नए सारथी

Story 1

दूध के डिब्बे जैसा डिजाइन और 18 घंटे का बैकअप: मार्केट में धूम मचाने आ रहे CMF के नए स्पीकर्स

Story 1

राजस्थान: ट्रैफिक अफसर का थप्पड़ और वकील का ईगो , किशनगढ़ में मचा भारी बवाल

Story 1

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, JNU में विरोध और मेट्रो-इंटरनेट पर पाबंदियां