जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर रोक क्यों? दिल्ली पुलिस ने गिनाईं सुरक्षा और नियमों से जुड़ी ये गंभीर वजहें
News Image

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस ने इस फैसले के पीछे सुरक्षा संबंधी चिंताओं और प्रक्रियात्मक खामियों को मुख्य आधार बताया है।

आवेदन में देरी और नियमों का उल्लंघन

दिल्ली पुलिस के अनुसार, CJP ने प्रदर्शन की सूचना 7 अक्टूबर को दी थी, जबकि नियमों के मुताबिक किसी भी कार्यक्रम के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य है। पुलिस का कहना है कि पर्याप्त समय न मिलने के कारण भीड़ के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात डायवर्जन की योजना बनाना संभव नहीं है।

जुलाई के प्रदर्शनों का कड़वा अनुभव

पुलिस ने अपने फैसले के पीछे जुलाई में हुए प्रदर्शनों का हवाला दिया है। उनका आरोप है कि उस दौरान केवल एक दिन की अनुमति ली गई थी, लेकिन धरना एक महीने से अधिक समय तक चलता रहा। पुलिस ने दावा किया कि इस दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और प्रदर्शनकारियों के बीच ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन पर हत्या और लूट जैसे आपराधिक मामले दर्ज हैं।

महिला पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता के गंभीर आरोप

पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पिछले प्रदर्शनों के दौरान ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबलों के साथ अभद्रता और मारपीट की घटनाएं हुईं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को खतरे में डालकर किसी को भी अनियंत्रित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।

क्यों है जंतर-मंतर पर 1,000 लोगों की सीमा?

पुलिस का तर्क है कि जंतर-मंतर पर एक बार में केवल 1,000 लोगों के जुटने की ही व्यवस्था है। यदि भीड़ इससे अधिक होती है, तो यह सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। दिल्ली जैसे संवेदनशील केंद्र में, जहां महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर और संवैधानिक संस्थाएं स्थित हैं, आम जनता की आवाजाही को ठप करना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाता है।

क्या है CJP की मौजूदा मांग?

CJP का मुख्य लक्ष्य इस समय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची (Voter List) के SIR में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां की गई हैं। इसी मुद्दे को लेकर संगठन देशभर में अभियान चला रहा है, जिसका अगला चरण दिल्ली में होना था।

अन्य संगठनों पर भी सख्ती

दिल्ली पुलिस केवल CJP ही नहीं, बल्कि अन्य संगठनों को भी इजाजत देने में सावधानी बरत रही है। हाल ही में BSF के पूर्व कर्मचारियों के एक समूह को भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई, क्योंकि वे तय नियमों का पालन करने में विफल रहे थे।

फिलहाल, पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन यह अधिकार शहर को बंधक बनाने या सुरक्षा से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं देता।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

नाना पाटेकर के निधन से सरहद पार मातम: पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली ने याद किए दोस्ती के किस्से

Story 1

जंतर-मंतर पर आर-पार की जंग: CJP की हुंकार को मिला किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी का साथ

Story 1

दिल्ली प्रदर्शन में छाई लेडी सिंघम : भीड़ को चीरकर स्थिति संभालने वाली IPS ऐश्वर्या सिंह कौन हैं?

Story 1

1942 में भी नहीं थमा था कारवां, आज भी नहीं रुकेगा : दिल्ली में प्रदर्शन से पहले नेहा बोरा की ललकार

Story 1

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन रद्द, दिल्ली पुलिस ने दी चेतावनी

Story 1

रियाद एयरपोर्ट पर खूनी हमला: तीन सऊदी नागरिकों की मौत, यमन के हूथी विद्रोहियों की ओर बढ़ा शक

Story 1

ICC पर ट्रंप का कड़ा प्रहार: धमकियां बंद करो वरना संस्था ही खत्म कर देंगे

Story 1

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले प्रकाश आंबेडकर का बड़ा धमाका: सीजेपी और कांग्रेस पर लगाए संगीन आरोप

Story 1

उपचुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत, मुस्लिम बहुल सीटों पर खिला कमल; तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी का दबदबा

Story 1

संजू सैमसन का तूफानी कहर: 21 गेंदों में जड़ा अर्धशतक, विराट कोहली के रिकॉर्ड की बराबरी की