पश्चिम बंगाल में हुए उपचुनावों के नतीजों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चूलें हिला दी हैं। नंदीग्राम और रेजीनगर की हार महज चुनावी हार नहीं, बल्कि ममता बनर्जी के लिए एक बड़ी राजनीतिक चेतावनी है। इन आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि बंगाल का सियासी समीकरण अब पूरी तरह बदल चुका है।
नंदीग्राम में भाजपा प्रत्याशी हसिरानी रथ ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 1,22,753 वोटों के भारी अंतर से करारी शिकस्त दी। हसिरानी रथ को कुल 1,64,427 वोट मिले, जबकि ममता समर्थित उम्मीदवार मात्र 41,674 वोटों पर सिमट गया। यह जीत न केवल बड़ी है, बल्कि भावनात्मक भी है, क्योंकि हसिरानी रथ के बेटे की विधानसभा चुनाव के बाद हत्या कर दी गई थी।
मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम-बहुल सीट रेजीनगर में भाजपा की जीत ने सबको चौंका दिया है। भाजपा प्रत्याशी शंकरवध सरकार ने 75,816 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। यहां भाजपा को 63.14 फीसदी वोट मिले। गौर करने वाली बात यह है कि रेजीनगर में भाजपा का वोट शेयर 27 प्रतिशत से उछलकर 63 प्रतिशत पर पहुंच गया है, जो ममता सरकार के लिए खतरे की घंटी है।
रेजीनगर में भाजपा की जीत यह साबित करती है कि अल्पसंख्यक समुदाय अब टीएमसी द्वारा फैलाए गए डर से बाहर आ चुका है। मुस्लिम बहुल सीट पर भाजपा का दबदबा यह दिखाता है कि जनता अब धर्म की राजनीति से आगे बढ़कर विकास और मुख्यधारा की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।
इन नतीजों के पीछे का सबसे बड़ा कारण टीएमसी का जमीनी स्तर पर बिखरना है। पार्टी के भीतर की आपसी कलह, बागी गुट और कार्यकर्ताओं का सुस्त रवैया ममता बनर्जी के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। जमीनी स्तर पर पार्टी का समन्वय पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिसका सीधा फायदा विपक्ष को मिला है।
सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा ने न केवल अपने गढ़ को मजबूत किया है, बल्कि टीएमसी के अभेद्य किलों में भी बड़ी सेंध लगाई है। अगर ममता बनर्जी ने समय रहते अपनी रणनीति नहीं बदली और कार्यकर्ताओं का भरोसा फिर से नहीं जीता, तो आने वाले विधानसभा चुनावों में टीएमसी का वर्चस्व पूरी तरह खत्म हो सकता है। यह परिणाम आने वाले समय में बंगाल की नई राजनीतिक दिशा के संकेत हैं।
#WATCH | Nandigram, West Bengal: On bypoll results, Nandigram BJP winning candidate Hasi Rani Rath says, The record mandate is a result of Suvendu Adhikari being a humanitarian CM. Under the former CM Mamata Banerjee, our workers were oppressed and not allowed to vote, but that… pic.twitter.com/BhLjD8442B
— ANI (@ANI) October 9, 2026
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