नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित दक्षिण अफ्रीकी कानून विशेषज्ञ नवी पिल्लई ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। नूर्नबर्ग में पुरस्कार लेने के बाद पिल्लई ने मजाकिया लहजे में कहा, अगर आप लोग थोड़ी और तालियां बजाएंगे, तो शायद मैं यह पुरस्कार डोनाल्ड ट्रंप के साथ शेयर कर लूं।
यह टिप्पणी सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति की उस सार्वजनिक इच्छा पर कटाक्ष है, जिसमें वे बार-बार नोबेल शांति पुरस्कार पाने की कामना करते रहे हैं।
युद्ध अपराधों के खिलाफ संघर्ष का सम्मान नवी पिल्लई को यह प्रतिष्ठित सम्मान युद्ध अपराधों, मानवता के विरुद्ध अपराधों और नरसंहार जैसे गंभीर मामलों में न्याय दिलाने के लिए उनके दशकों के संघर्ष के लिए दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूती देने में उनकी भूमिका को वैश्विक स्तर पर सराहा गया है।
ट्रंप और पुरस्कार का विवादित नाता डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार के साथ एक अजीब रिश्ता रहा है। इससे पहले, वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने भी अपना 2025 का नोबेल पुरस्कार ट्रंप के साथ शेयर करने की पेशकश की थी।
मचाडो ने जनवरी 2026 में व्हाइट हाउस में ट्रंप को अपना मेडल भी सौंप दिया था, जिसे उन्होंने वेनेजुएला की आजादी के लिए ट्रंप की प्रतिबद्धता का सम्मान बताया। हालांकि, नॉर्वेजियन नोबेल इंस्टीट्यूट ने स्पष्ट कर दिया कि पुरस्कार को न तो किसी को ट्रांसफर किया जा सकता है और न ही बांटा जा सकता है।
ट्रंप का अपना तर्क नोबेल समिति के इस स्पष्टीकरण के बाद भी व्हाइट हाउस का रुख नहीं बदला। प्रशासन ने तब कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप इस पुरस्कार के कई गुना हकदार हैं। हालांकि, आयोजकों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
कौन हैं नवी पिल्लई? नवी पिल्लई का करियर मानवाधिकारों की रक्षा का एक लंबा सफर है। दक्षिण अफ्रीकी मूल की पिल्लई ने रवांडा ट्रिब्यूनल से लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त तक के पदों पर काम किया है।
वर्तमान में वह इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में जज हैं और म्यांमार के खिलाफ नरसंहार के आरोपों वाले महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई कर रही हैं। नूर्नबर्ग की उस अदालत में उनका सम्मानित होना, जहां से कभी न्याय का एक नया इतिहास लिखा गया था, उनके संघर्ष की सार्थकता को दर्शाता है।
Amazing moment.
— Agnes Callamard (@AgnesCallamard) October 9, 2026
Navi Pillay has received the Nobel Peace Prize ! https://t.co/HL3r1PJzLO
We are at the Nuremberg Court; I cannot think of a stronger symbol for her Nobel prize.
We are all so thrilled!
This is her first reactions upon hearing the news: pic.twitter.com/Crbj6XdiyQ
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