कंकाल के कटे हाथ और रनवे के नीचे दफन राज: 30 साल बाद कैसे ढूंढा गया चे ग्वेरा का शरीर?
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चे ग्वेरा का नाम महज एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ उठने वाली हर आवाज की पहचान है। 9 अक्टूबर 1967 को बोलीविया में उनकी हत्या के बाद उनके शव को इस तरह गायब किया गया कि दुनिया 30 साल तक अंधेरे में रही। आज भी उनकी क्रांतिकारी छवि और स्टार वाली टोपी दुनिया भर के युवाओं के लिए विद्रोह का प्रतीक है।

एक डॉक्टर जो विद्रोही बन गया

अर्जेंटीना में जन्मे अर्नेस्टो चे ग्वेरा पेशे से डॉक्टर थे। लैटिन अमेरिका की अपनी 10 हजार किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल यात्रा के दौरान उन्होंने गरीबी और दमन का जो नग्न रूप देखा, उसने उन्हें एक विद्रोही बना दिया। फिदेल कास्त्रो के साथ मिलकर क्यूबा की सत्ता पलटने के बाद वे विश्व स्तर पर साम्राज्यवाद के खिलाफ सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे।

सीक्रेट मिशन: लाश को गायब करने की साजिश

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और बोलीविया की सेना को डर था कि चे ग्वेरा की कब्र क्रांतिकारियों के लिए तीर्थ स्थल बन जाएगी। इसीलिए, उन्हें मारने के बाद उनके दोनों हाथ काट दिए गए ताकि फिंगरप्रिंट से पहचान पुख्ता हो सके। इसके बाद उनके शव को एक हवाई पट्टी (रनवे) के नीचे दफन कर दिया गया और ऊपर से निर्माण कार्य कर दिया गया ताकि कोई निशान न बचे।

28 साल की चुप्पी और एक जनरल का खुलासा

यह राज 1995 में तब खुला जब एक अमेरिकी लेखक जॉन ली एंडरसन के साथ बातचीत के दौरान बोलीविया के रिटायर्ड जनरल मारियो वर्गास ने मौत के करीब पहुंचकर यह सनसनीखेज कबूलनामा किया कि चे ग्वेरा को जलाया नहीं, बल्कि हवाई पट्टी के पास दफन किया गया है।

जब खोदा गया रनवे: कंकाल नंबर 2 का सच

जून 1997 में क्यूबा और अर्जेंटीना की फॉरेंसिक टीम ने महीनों की खुदाई के बाद उस सामूहिक कब्र को ढूंढ निकाला। वहां 7 कंकाल एक के ऊपर एक दबे थे। वैज्ञानिकों के रोंगटे तब खड़े हो गए जब कंकाल नंबर 2 के दोनों हाथ गायब मिले। मेडिकल रिकॉर्ड और दांतों की बनावट ने पुष्टि की कि 30 साल से जमीन के नीचे दबा वह कंकाल चे ग्वेरा का ही था।

घर वापसी: अलविदा नहीं, स्वागत!

अक्टूबर 1997 में, चे ग्वेरा के अवशेषों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ क्यूबा लाया गया। हवाना से लेकर संता क्लारा तक, लाखों लोगों की मौजूदगी में उन्हें पुन: दफन किया गया। फिदेल कास्त्रो ने उस दिन कहा था, वे सोचते थे कि चे को जमीन में गाड़कर वे उसके विचारों को भी दफन कर देंगे। वे गलत थे। आज हम चे को अलविदा कहने नहीं, अपने घर में उनका स्वागत करने आए हैं।

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