पहली बार कपिल सिब्बल पसंद आए... : वोट चोरी के आरोपों पर रिजिजू ने कांग्रेस को पुराने वीडियो से घेरा
News Image

देश में चुनाव आयोग के खिलाफ जारी इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन और वोट चोरी के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। रिजिजू ने कांग्रेस के दावों को खारिज करने के लिए पार्टी के ही वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल का एक पुराना वीडियो हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है।

रिजिजू का तंज: कांग्रेस का फर्जी ड्रामा बेनकाब केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कपिल सिब्बल का संसद का एक पुराना वीडियो शेयर किया। रिजिजू ने लिखा, मैं कपिल सिब्बल को पसंद नहीं करता क्योंकि वह अक्सर भ्रष्ट और असामाजिक तत्वों का बचाव करते हैं, लेकिन पहली बार मुझे उनकी बात सही लगी। उन्होंने अपने पुराने भाषण के जरिए कांग्रेस के फर्जी वोट चोरी ड्रामा को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।

क्या है कांग्रेस का आरोप? हाल ही में इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकाला था। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर वोटर लिस्ट से जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटा रहा है। पार्टी का दावा है कि इस वजह से बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं।

वीडियो में क्या बोले थे सिब्बल? वायरल वीडियो में कपिल सिब्बल कानून मंत्री रहते हुए सदन को समझा रहे हैं कि मतदाता सूची से नाम हटाने की एक तय और वैध प्रक्रिया है। सिब्बल ने तीन मुख्य कारण बताए थे:

  1. अगर कोई व्यक्ति एक विधानसभा से दूसरी विधानसभा में शिफ्ट होता है।
  2. अगर किसी का नाम दो जगहों पर दर्ज है, तो एक जगह से हटाना जरूरी है।
  3. अगर किसी मतदाता का निधन हो गया है।

रिजिजू का तर्क: प्रक्रिया को समझें सिब्बल ने अपने उस भाषण में यह भी स्पष्ट किया था कि अगर किसी का नाम गलती से हटा दिया गया है, तो उसके पास चुनाव अधिकारी के पास जाकर अपना नाम फिर से दर्ज कराने का विकल्प होता है। रिजिजू ने इसी तर्क को आधार बनाते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका साफ़ कहना है कि वोटर लिस्ट में बदलाव एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसे कांग्रेस राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह कर रही है।

राजनीतिक गरमाहट के बीच राहुल-प्रियंका का प्रदर्शन यह जुबानी जंग ऐसे समय पर छिड़ी है जब हाल ही में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ तीखा प्रदर्शन किया। आकाशवाणी के पास प्रदर्शन के दौरान नेताओं की हिरासत और फिर रिहाई के बाद से भाजपा और कांग्रेस के बीच तनातनी अपने चरम पर है। रिजिजू का यह कदम कांग्रेस को उन्हीं के पुराने दावों के घेरे में लेने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

बिस्तर पर लेटे-लेटे टीका, फिर काला चश्मा: अनंत सिंह का अंदाज-ए-बयां वायरल

Story 1

पंजाब में सियासी तूफान: CM के OSD पर CBI का शिकंजा, 8 ठिकानों पर छापेमारी

Story 1

दृश्यम 3 का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा: 5 दिन में 211% मुनाफे के साथ बनी ब्लॉकबस्टर

Story 1

रसायन विज्ञान का नोबेल 2026: कागन और सोई ने सुलझाई अणुओं की 100 साल पुरानी गुत्थी

Story 1

सत्ता के 25 साल: पीएम मोदी की यात्रा को कंगना रनौत ने बताया सेवा और समर्पण का महायज्ञ

Story 1

5 करोड़ के आरोप पर विराट कोहली की टीम का कड़ा प्रहार, दावों को बताया पूरी तरह फर्जी

Story 1

CM योगी के PDA वाले बयान पर मचा सियासी बवाल, अखिलेश यादव ने किया बड़ा पलटवार

Story 1

आडवाणी के आशीर्वाद से मोदी के 25 साल: जनसेवा के सफर में एक नया अध्याय

Story 1

आसमान के जांबाज: अमेरिकी संसद में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को मिला सम्मान

Story 1

जंतर-मंतर संग्राम: राहुल-प्रियंका हिरासत में, पुलिस और विपक्षी सांसदों के बीच तीखी झड़प