चुनाव आयोग से मीटिंग का क्या है प्रोटोकॉल? विवाद के बीच EC ने साफ की स्थिति
News Image

नई दिल्ली: हाल ही में INDIA गठबंधन के नेताओं द्वारा चुनाव आयोग (ECI) के बाहर किए गए प्रदर्शन के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आयोग ने एक स्पष्ट बयान जारी कर उन नियमों और प्रक्रियाओं पर रोशनी डाली है, जिनका पालन राजनीतिक दलों को उनसे मिलने के लिए करना पड़ता है।

किसी ने नहीं मांगा औपचारिक समय चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मंगलवार को उनके कार्यालय की ओर मार्च करने वाले किसी भी राजनीतिक दल ने मिलने के लिए कोई पूर्व अपॉइंटमेंट नहीं मांगा था। आयोग के अनुसार, मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने तक उनके पास किसी प्रतिनिधिमंडल का कोई औपचारिक अनुरोध नहीं पहुंचा था।

क्या है मुलाकात की प्रक्रिया? आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी पार्टी या गठबंधन को उनसे मिलने के लिए अपने अधिकृत प्रतिनिधियों के जरिए पहले समय मांगना होता है। बैठक का समय दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तय किया जाता है। आयोग ने कहा कि सभी राजनीतिक दल इस प्रक्रिया से भली-भांति परिचित हैं और वे नियमित रूप से इसका पालन भी करते हैं।

परिसर से बाहर मीटिंग क्यों नहीं? आयोग ने बताया कि जब यह स्पष्ट हुआ कि 240 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मिलना चाहता है और वे संसद भवन एनेक्सी में बैठक करना चाहते हैं, तो इसे आयोग ने असामान्य माना। EC के कड़े प्रोटोकॉल के अनुसार, राजनीतिक दलों के साथ सभी बैठकें केवल आयोग के आधिकारिक परिसर में ही आयोजित की जा सकती हैं।

प्रस्ताव को किया गया खारिज विवाद सुलझाने के लिए आयोग ने एक वरिष्ठ अधिकारी को संसद भवन एनेक्सी भेजने का प्रस्ताव दिया था, ताकि सांसदों का ज्ञापन लिया जा सके। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

विपक्ष का प्रदर्शन और हिरासत यह पूरा घटनाक्रम तब हुआ जब INDIA गठबंधन के नेताओं ने वोट चोरी के आरोपों पर चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी सांसदों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

आयोग ने अंत में जोर देते हुए कहा कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पूरा सम्मान करता है, लेकिन संवैधानिक संस्था के प्रोटोकॉल और परंपराओं का पालन करना भी उतना ही अनिवार्य है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

हेलीकॉप्टर से उतरते समय बाल-बाल बचीं ऊषा वेंस, गोद में था नवजात बेटा; वीडियो वायरल

Story 1

आगरा: CEC ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास का गंगाजल से शुद्धीकरण, कांग्रेस ने कहा- सद्बुद्धि यज्ञ की है दरकार

Story 1

छोटे उद्यमियों के लिए बड़ी सौगात: सरकार ने 10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को दी मंजूरी

Story 1

‘ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं’, राहुल गांधी ने दी चेतावनी—‘कोई बचकर नहीं भाग पाएगा’

Story 1

अब अस्पताल में मनमानी नहीं: 1 नवंबर से QR कोड बताएगा दवा की असली कीमत

Story 1

देहरादून में दिनदहाड़े तिहरा हत्याकांड: प्लंबर ने पेचकस से गोदकर उतारा मौत के घाट, लोगों ने दबोचा

Story 1

साड़ी में दौड़, पैरों में छाले, पर नहीं रुके कदम: होमगार्ड भर्ती में महिला के जज्बे ने जीता दिल

Story 1

वंदे भारत के बंद दरवाजे और RPF जवान की फुर्ती: क्या चूक भारी पड़ सकती थी?

Story 1

क्या अविनाश और ईशा ने किया प्यार का ऐलान? वायरल वीडियो ने बढ़ाई फैंस की धड़कनें

Story 1

दिल्ली कैपिटल्स में दादा का राज: सौरव गांगुली बने नए हेड कोच, टीम में बड़े बदलाव की तैयारी