दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजनीतिक पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि केंद्र सरकार आंदोलन को दबाने के लिए बड़े नेताओं को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है।
अभिजीत दीपके-सौरव दास पर गिरफ्तारी का साया? सौरभ भारद्वाज ने आशंका जताई है कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य प्रमुख संयोजक सौरव दास को सरकार निशाना बना सकती है। भारद्वाज का कहना है कि उन्हें लगातार ऐसी जानकारी मिल रही है कि आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों पर जल्द ही गंभीर धाराओं में झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
प्लान B और C तैयार रखने की सलाह भारद्वाज ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए आंदोलनकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई 140 करोड़ लोगों की है, इसलिए यदि पहली कतार के नेता गिरफ्तार हो जाते हैं, तो आंदोलन नहीं रुकना चाहिए।
उन्होंने सभी संगठनों से बैकअप लीडरशिप और संचार के वैकल्पिक साधनों (जैसे टेलीग्राम आदि) को तैयार रखने को कहा है। उनका मानना है कि सरकार नेताओं को गिरफ्तार कर आंदोलन को हिंसक बनाना चाहती है ताकि इसे बदनाम किया जा सके।
सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी खतरा आप नेता ने यह भी चेतावनी दी कि सरकार केवल नेताओं की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आंदोलन से जुड़े लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी ब्लॉक करवा सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात के लिए संगठनों को अभी से प्लान बी और सी तैयार करना होगा।
क्या है 10 अक्टूबर के आंदोलन का असली मुद्दा? कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जुट रही है। पार्टी का आरोप है कि मतदाताओं की सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, जो चुनावी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी है। हालांकि, चुनाव आयोग इन आरोपों को पहले ही खारिज कर चुका है।
विपक्ष और छात्र संगठनों का भी समर्थन यह प्रदर्शन अब केवल CJP तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में AAP, कांग्रेस, NSUI, AISA और SFI जैसे कई संगठनों का प्रदर्शन जारी है। 2 और 4 अक्टूबर को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प और भारी संख्या में हुई गिरफ्तारियों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। 10 अक्टूबर को होने वाला यह प्रदर्शन अब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्ष के बढ़ते दबाव का एक प्रमुख केंद्र बन गया है।
Sources - Leaders of Organizations supporting Jantar Mantar 2.0 will be arrested soon in false cases
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) October 5, 2026
10 Oct Peaceful Protest must go on inspite of arrests.
Leaders & organisations must create back up leadership
There must be plan B for communication.
The movement is bigger… pic.twitter.com/KLwGRZ228M
नहीं गिर रहा सर : नोएडा सुपरनोवा बिल्डिंग से कूदने से पहले का आखिरी वीडियो आया सामने
2026 नोबेल: रोशनी से दिमाग कंट्रोल करने वाली ऑप्टोजेनेटिक्स तकनीक को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार
ट्रेड डील पर भारत की रेड लाइन : अमेरिका की मीठी बातों से नहीं डिगेगा नई दिल्ली का रुख
लखनऊ से आदित्यपुर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, सफर होगा आसान; देखें पूरा शेड्यूल
फेस्टिव सीजन में हवाई सफर हुआ महंगा, इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज
न्यूजीलैंड सीरीज से पहले ऋषभ पंत का बड़ा दांव, BCCI से की दो मैचों की खास डिमांड
रामायण के सेट पर भड़की भीषण आग, फिल्म सिटी में अफरा-तफरी का माहौल
आलीशान घर और लग्जरी लाइफ: जानिए भारतीय स्टार वॉशिंगटन सुंदर की कुल संपत्ति और कमाई के स्रोत
गोरेगांव फिल्मसिटी में भीषण आग: क्या रामायण के सेट को पहुंचा नुकसान?
भारत-वेस्टइंडीज टी-20: लखनऊ में बारिश का साया, क्या इकाना में फिर गरजेगा टीम इंडिया का बल्ला?