सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर अहम सुनवाई चल रही है। यह सुनवाई ऐसे समय में हो रही है जब चुनाव आयोग के फैसलों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
न्यायपालिका की भूमिका पर तीखे सवाल मामले के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने बंगाल और बिहार में SIR प्रक्रिया को रोकने में देरी की, जिससे युवाओं के मतदान अधिकारों पर असर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि अब अदालत का कोई भी फैसला जनता के भरोसे को बहाल करने के लिए काफी नहीं होगा।
14 फैसलों पर विवाद और आंतरिक मतभेद विवाद की मुख्य जड़ वह रिपोर्ट है जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कम से कम 14 फैसलों पर आपत्ति जताई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ये फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए, जो चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के खिलाफ है।
CEC की शक्तियों का दायरा क्या है? सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि क्या CEC अकेले उन शक्तियों का उपयोग कर सकते हैं जो कानूनन पूरे निर्वाचन आयोग के पास हैं। राकेश कुमार सिंह और अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिकाओं में इन 14 फैसलों को अनधिकृत घोषित करने और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
चुनाव आयोग का पक्ष इन गंभीर आरोपों पर चुनाव आयोग ने अपना बचाव किया है। आयोग का कहना है कि संस्था के भीतर अलग-अलग विचारों और टिप्पणियों का होना संस्थागत विचार-विमर्श (institutional deliberation) का सामान्य हिस्सा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उनके सभी आदेश निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही जारी किए गए हैं।
अगला कदम क्या होगा? फिलहाल, CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सुप्रीम कोर्ट CEC की शक्तियों पर कोई नई व्याख्या जारी करेगा या चुनाव आयोग के फैसलों की वैधता को बरकरार रखेगा।
Chief Justice of India Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi, the judges that made sure the illegal SIR process goes through without any trouble in Bengal and Bihar, must quietly sit this one out.
— Saurav Das (@SauravDassss) October 4, 2026
Even if they choose to do something, they can continue doing it. No one cares.… pic.twitter.com/WaaiAvFFOI
राहुल गांधी का दिल्ली पुलिस पर बड़ा हमला, महिला सुरक्षा और बदसलूकी के आरोपों पर मांगा जवाब
एशियन गेम्स में भारत का दबदबा: पाकिस्तान को धूल चटाकर जीता गोल्ड, वीवीएस लक्ष्मण ने खोली जीत की खासियत
राजनीति के स्क्रीन पर बड़ा उलटफेर: TMC छोड़ BJP में शामिल हुईं कोयल मल्लिक
चुनाव आयोग के कामकाज पर बरसे जस्टिस नरीमन, बोले- वोटिंग का अधिकार खतरे में
अभिषेक और वैभव के पास खास मौका: रोहित-राहुल के एलीट क्लब में शामिल होने की दहलीज पर युवा सितारे
मैदान के बाहर भी किंग का जलवा: नन्हे फैन की जर्सी पर ऑटोग्राफ देकर विराट ने जीता सबका दिल
जंतर-मंतर पर कफन और गांधी : चुनाव आयोग के खिलाफ अनोखा विरोध, CEC के इस्तीफे की मांग
मतदाता सूची से नाम हटाने पर पूर्व SC जज नरीमन का बड़ा हमला, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
6G युग में ग्लोबल लीडर बनेगा भारत: सिंधिया का बड़ा एलान, स्टैंडर्ड टेकर से मेकर बनने की राह पर देश
मथुरा: प्रेमानंद महाराज के शिष्य की रहस्यमय मौत, CCTV फुटेज ने बढ़ाई पहेली