श्री सिटी बॉयलर ब्लास्ट: क्या Tablets India का हादसे से है कोई कनेक्शन? कंपनी ने तोड़ी चुप्पी
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आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के बाद कंपनी की पहचान को लेकर गहरा भ्रम पैदा हो गया था। इस मामले में Tablets (India) Limited ने आधिकारिक तौर पर अपना रुख साफ करते हुए सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।

कंपनी का दो टूक जवाब: हमारा कोई संबंध नहीं

4 अक्टूबर को चेन्नई स्थित Tablets (India) Limited ने एक स्पष्ट बयान जारी किया। कंपनी ने साफ शब्दों में कहा है कि श्री सिटी में हुई दुर्घटना से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

कंपनी के अनुसार, श्री सिटी में स्थित उस फैक्ट्री में उनका कोई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट या संचालन नहीं है। यह हादसा वास्तव में TIL Healthcare Private Limited के परिसर में हुआ है।

अलग-अलग हैं दोनों कंपनियां

भ्रम को पूरी तरह दूर करने के लिए कंपनी ने तीन प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया है:

  1. श्री सिटी में Tablets (India) Limited की कोई भी फैक्ट्री नहीं है।
  2. TIL Healthcare और Tablets (India) Limited दो पूरी तरह से अलग और स्वतंत्र संस्थाएं हैं।
  3. इन दोनों कंपनियों का आपस में न तो कोई साझा स्वामित्व है और न ही प्रबंधन का लेनदेन।

नाम की समानता बनी भ्रम की वजह

हादसे के बाद सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में नामों की समानता के कारण भ्रम की स्थिति बन गई थी। दोनों कंपनियों के नाम में TIL और Tablets जैसे शब्दों का उपयोग होने के कारण लोग इन्हें एक ही समझ रहे थे।

कंपनी ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे दोनों संस्थाओं के बीच के अंतर को समझें, ताकि भविष्य में कोई गलतफहमी न फैले।

पीड़ितों के प्रति जताई संवेदना

Tablets (India) Limited के प्रेसिडेंट-फाइनेंस सुनील कोठारी ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

कंपनी ने स्पष्ट किया कि तथ्यों को सही तरीके से सामने रखना उनकी जिम्मेदारी थी, ताकि किसी भी गलतफहमी के कारण उनके ब्रांड की छवि प्रभावित न हो और सही कंपनी के नाम के साथ रिपोर्टिंग हो सके।

याद दिला दें: 3 अक्टूबर को तिरुपति जिले की इस निजी फार्मा कंपनी में हुए बॉयलर विस्फोट में 5 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 10 अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

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