नई दिल्ली: वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन रविवार को और उग्र हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP), NSUI और AISA समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
प्रदर्शन की शुरुआत अशोक रोड स्थित आंध्र भवन सर्कल के पास से हुई। सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे थे, जिसे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़े और पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा सहित करीब 25 AAP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सौरभ भारद्वाज ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर बदसलूकी और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि पुलिस ने उनके साथ एक वस्तु जैसा व्यवहार किया। वहीं, कार्यकर्ताओं ने हिरासत में लिए गए साथियों को ले जा रही बसों को रोकने की भी कोशिश की, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
सिर्फ AAP ही नहीं, बल्कि NSUI और AISA के कार्यकर्ता भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सड़क पर उतरे। AISA ने आरोप लगाया कि उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने निजी गाड़ी में हिरासत में लिया, जिसमें कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को भी दिल्ली में भारी विरोध हुआ था, जिसमें अब तक 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
विपक्ष और छात्र संगठनों का आरोप है कि वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। विवाद तब और गहरा गया जब मीडिया में खबरें आईं कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े 14 आदेशों पर आपत्ति जताई थी। इन रिपोर्टों में दावा किया गया कि कई फैसले CEC ज्ञानेश कुमार ने अन्य आयुक्तों की सलाह के बिना लिए।
विवादों के बीच चुनाव आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। आयोग का कहना है कि संस्थागत विचार-विमर्श में अलग-अलग राय होना एक सामान्य प्रक्रिया है। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि उसके द्वारा लिए गए सभी निर्णय कानूनी रूप से वैध हैं और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए लिए गए हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारी इन तर्कों से असंतुष्ट हैं और पारदर्शिता की मांग पर अड़े हुए हैं।
#WATCH | Delhi | Police detains Aam Aadmi Party workers staging a protest march to India Gate against Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar and demanding his resignation https://t.co/vjDxIu3yny pic.twitter.com/GTDytOLM1Y
— ANI (@ANI) October 4, 2026
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