भुज में तैयार होगी ग्रीन एनर्जी की फौज: 10,000 युवाओं को हर साल मिलेगी हाई-टेक ट्रेनिंग
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गुजरात के भुज में अब स्थानीय युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खुल गए हैं। अदाणी ग्रुप की कौशल विकास इकाई अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन (ASE) और कच्छ यूनिवर्सिटी ने मिलकर विश्वविद्यालय परिसर में ग्रीन एनर्जी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की शुरुआत की है। इस केंद्र का उद्घाटन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया।

क्या है इस सेंटर का लक्ष्य? इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में कुशल बनाकर उन्हें तुरंत रोजगार के योग्य बनाना है। यह अत्याधुनिक केंद्र हर साल 10,000 से अधिक छात्रों को उद्योग की आधुनिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित करेगा।

5-स्टेप मॉडल से मिलेगा हुनर यह सेंटर लर्न, प्रैक्टिस, एक्सपीरियंस, सर्टिफाई और करियर के पांच चरणों वाले मॉडल पर काम करेगा। छात्रों को यहां किताबी ज्ञान के बजाय सिमुलेशन और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। पाठ्यक्रम में सोलर फोटोवोल्टाइक (PV), विंड एनर्जी सिस्टम, हाइब्रिड रिन्यूएबल सिस्टम, बैटरी स्टोरेज (BESS) और डिजिटल ऑटोमेशन जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

खावड़ा पार्क के लिए तैयार होंगे प्रोफेशनल्स कच्छ के खावड़ा में अदाणी ग्रुप 30 गीगावाट का विशाल रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बना रहा है, जो क्षेत्रफल में पेरिस से पांच गुना बड़ा है। इतनी बड़ी परियोजना के लिए सोलर, विंड और डिजिटल टेक्नोलॉजी के जानकारों की भारी मांग है। यह सेंटर स्थानीय युवाओं को उनके घर के पास ही विश्वस्तरीय ट्रेनिंग मुहैया कराएगा।

स्थानीय युवाओं के लिए बड़े अवसर पिछले दो वर्षों में कच्छ में अदाणी ग्रुप की ग्रीन एनर्जी गतिविधियों से 21,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं। अब इस नए सेंटर के जरिए युवाओं को बड़े पैमाने पर चल रही इन परियोजनाओं के लिए इंडस्ट्री-रेडी बनाया जाएगा, जिससे उन्हें देश-विदेश में करियर बनाने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।

भविष्य की ऊर्जा और भविष्य का भारत अदाणी ग्रुप के डायरेक्टर करण अदाणी ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा, ग्रीन एनर्जी में निवेश के साथ-साथ युवाओं में निवेश करना बेहद जरूरी है। हमारा मकसद छात्रों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार करना है।

वहीं, अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन के CEO रॉबिन भौमिक ने बताया कि रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री की तेजी के मुकाबले कुशल वर्कफोर्स की कमी है। कच्छ यूनिवर्सिटी के साथ इस साझेदारी के माध्यम से इंडस्ट्री की जरूरतों को सीधे क्लासरूम तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी खत्म हो सके।

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