मुंबई में गर्जना मोर्चा को संबोधित करते हुए शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसी पार्टी या व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और स्वतंत्रता को बचाने की है। ठाकरे ने हुंकार भरते हुए कहा कि अगर मेक इन इंडिया के नाम पर तानाशाही थोपी जाएगी, तो जनता उसे इसी देश की मिट्टी में दफन कर देगी।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम गायब होने का दावा ठाकरे ने चुनाव में धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम चुनावी सूची से हटा दिए गए हैं, जो महाराष्ट्र की कुल आबादी के बराबर है। ठाकरे के अनुसार, अकेले महाराष्ट्र से 2 करोड़, तमिलनाडु से 70 लाख और पश्चिम बंगाल से 30 लाख लोगों को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल पश्चिम बंगाल उपचुनाव का जिक्र करते हुए ठाकरे ने अदालती प्रक्रिया पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि जब मतदाता अपने अधिकार के लिए सुप्रीम कोर्ट गए, तो कोर्ट ने यह कहकर सुनवाई टाल दी कि यह सिर्फ एक उपचुनाव है। ठाकरे ने सवाल किया कि चुनाव खत्म हो जाने के बाद सुनवाई का क्या अर्थ रह जाएगा? उन्होंने इसे स्वतंत्र संस्थाओं के दबाव में होने का प्रमाण बताया।
अमित शाह और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर निशाना उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि पहले चयन समिति में CJI, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता होते थे, लेकिन सरकार ने CJI को हटाकर वहां गृह मंत्री अमित शाह को बैठा दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा, बल्कि वह सरकार के नियंत्रण में काम कर रहा है।
इंडिया अगेंस्ट वोट चोर का नया नारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए ठाकरे ने पूछा कि क्या गृह मंत्रालय के पास नागरिकों के वोट देने का अधिकार छीनने की शक्ति है? उन्होंने मौजूदा दौर को इंडिया अगेंस्ट वोट चोर का आंदोलन करार दिया। ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सत्ताधारी दल सुशासन देने में पूरी तरह नाकाम रही है और अब केवल बदले की राजनीति कर रही है।
Mumbai: Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray says, We are standing here today to overthrow the dictator. Across the country, the names of 13 crore people have been deleted from the electoral rolls. Voters have been excluded in Bengal and Tamil Nadu as well... A by-election is currently underway in West Bengal, and people have approached the Supreme Court seeking their right to vote. The Supreme Court says that it is only a by-election, so what difference does it make? It is still not decided whether the hearing will be held tomorrow...
— ANI (@ANI) October 4, 2026
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