फ्लाईदुबई फ्लाइट कांड: हमलावर को छोड़ने के लिए क्रू ने बनाया दबाव, यात्रियों की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
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फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए हमले की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए जानलेवा हमले के बाद विमान के अंदर का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। अब इस पूरे प्रकरण में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यात्रियों ने न केवल आरोपी को काबू किया, बल्कि केबिन क्रू की संदिग्ध सलाह को भी नजरअंदाज कर दिया।

क्रू की जिद और यात्रियों का अड़ियल रुख रिपोर्ट्स के अनुसार, जब यात्रियों ने हमलावर को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को काबू में कर लिया था, तब केबिन क्रू ने यात्रियों से उसे छोड़ देने के लिए कहा। हालांकि, यात्रियों ने इस निर्देश को मानने से साफ इनकार कर दिया। यात्रियों का कहना था कि वे किसी भी स्थिति में आरोपी को पुलिस के हवाले ही करेंगे।

यात्रियों ने क्रू की बात न मानकर उसे बांधे रखा और उसे ऑक्सीजन मास्क भी दिया ताकि वह जीवित रहे। उनका मकसद उसे किसी तरह का नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उसे जिंदा रखकर पुलिस से पूछताछ में मदद करना था।

घायल हालत में बंधा था को-पायलट सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में अल-हम्मामी को विमान के भीतर घुटनों के बल बैठा देखा जा सकता है। उसके हाथ पीछे बंधे थे और कपड़ों पर खून के दाग थे। वीडियो में यात्रियों को बार-बार पुलिस, सिर्फ पुलिस चिल्लाते हुए सुना जा सकता है। एक यात्री ने तो यहां तक कहा कि पांच मिनट और इंतजार करना बेहतर है, लेकिन इसे छोड़ा नहीं जा सकता।

यात्रियों में पनपा क्रू के प्रति संदेह इस मामले में सामने आया है कि यात्रियों और क्रू के बीच तीखी बहस भी हुई थी। जब क्रू ने आरोपी को बांधने वाली रस्सी खोलने का दबाव बनाया, तो बैंकिंग सेक्टर से जुड़े ज्विका मानेस और रियल एस्टेट कारोबारी डैनियल श्लिक्टर को क्रू की मंशा पर संदेह हुआ। उन्हें लगा कि शायद इस हमले के पीछे साजिश का दायरा बड़ा हो सकता है, जिसके चलते उन्होंने क्रू को भी आरोपी से दूर रहने को कहा।

कैप्टन मच्छर को दी गई प्राथमिक चिकित्सा हमले में घायल हुए कैप्टन स्मित मच्छर को विमान में मौजूद एक डेंटिस्ट, शोता मुसायेव ने प्राथमिक उपचार दिया। मुसायेव के मुताबिक, कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरे घाव थे और काफी खून बह रहा था। यानिव हयुन और असाफ राजुआन जैसे यात्रियों ने न केवल आरोपी को काबू करने में मदद की, बल्कि विमान को स्थिर बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई।

आतंकवादी घटना के तौर पर जांच दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में सवार 180 यात्रियों की जान उस समय मुश्किल में पड़ गई थी जब को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर ही कैप्टन पर हमला कर दिया। हालांकि, यात्रियों की त्वरित प्रतिक्रिया और बहादुरी ने विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की। फिलहाल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारी इसे एक संभावित आतंकवादी हमले की कोशिश मानकर जांच कर रहे हैं।

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