वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हाल ही में एक टीवी शो में अपने फर्श से अर्श तक पहुंचने का सफर साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे स्क्रैप (कबाड़) के छोटे से काम से शुरुआत करके उन्होंने एक बड़ी कंपनी को खरीद लिया और उसे वैश्विक स्तर पर खड़ा किया।
अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनके पिता का एल्युमीनियम का काम था, इसलिए उन्हें स्क्रैप का व्यापार सरल लगा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय लोगों को मनाने की कला को दिया। उन्होंने कहा, मैं लोगों को पटा लेता था। किसी के साथ हाथ मिलाना, गले मिलना या पान खिलाकर काम निकलवाना मेरे लिए आसान था।
घाटकोपर स्थित शमशेर स्टर्लिंग कंपनी से वे स्क्रैप खरीदा करते थे। जब वह कंपनी दिवालिया (Bankrupt) हुई, तो अग्रवाल ने उसे खरीदने का सपना देखा। इस प्रक्रिया में उन्हें डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बैंकों और वकीलों के चक्कर काटे और अपनी हिम्मत को बनाए रखा।
कंपनी को खरीदने वाली डील को पक्का करने के लिए उन्होंने ओबेरॉय होटल में ठहरने का फैसला किया। उस समय होटल का किराया करीब 200 रुपये था, जो उनके लिए बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया, तब हिम्मत नहीं होती थी कि दरबान अंदर जाने देगा या नहीं, लेकिन जब शान दिखाने की बारी आई तो हिम्मत भी आ गई।
उन्होंने बैंकर्स को प्रभावित करने के लिए एक दिलचस्प तरकीब अपनाई। वे 555 सिगरेट के पैकेट में सस्ती विल्स सिगरेट रखते थे ताकि रसूखदार दिख सकें। डील पूरी करने के लिए उन्होंने 15.5 लाख रुपये जुटाए, जिसमें से 5 लाख उनके पिता ने, 5 लाख रशीद भाई ने और बाकी उन्होंने अन्य स्रोतों से लिए।
अनिल अग्रवाल ने युवाओं को सलाह दी कि वे गलतियों से न डरें। उन्होंने कहा, मैंने बहुत गलतियां कीं, लेकिन उन्हीं से सीखा। उन्होंने नई पीढ़ी की तारीफ करते हुए कहा कि आज के युवाओं में आगे बढ़ने का जोश है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके अनुभव के अनुसार, लड़कियों में ज्यादा दम होता है।
अपनी व्यापारिक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भारत में 300 करोड़ की कंपनी बनाई, फिर उसे डी-लिस्ट करके लंदन ले गए। वहां उन्होंने उसे 4 हजार करोड़ रुपये की वैल्यूएशन के साथ लिस्ट कराया। अग्रवाल का मानना है कि जीवन में कहानी बनाना बहुत जरूरी है—यानी अपने विजन को बड़ा करना और उसे सही दिशा में घुमाना। वह बेबाकी से कहते हैं, रूप और रुपया के अलावा इस दुनिया में है ही क्या!
#AnilAgarwalInAapKiAdalat | रूप और रुपया के अलावा इस दुनिया में है ही क्या!
— India TV (@indiatvnews) October 3, 2026
लड़कियों में ज्यादा दम है...
अनिल अग्रवाल ने बताया कि कंपनी खरीदने के लिए उन्हें कितने पापड़ बेलने पड़े।#AapKiAdalat #Vedanta #AnilAgarwal | @AnilAgarwal_Ved @RajatSharmaLive pic.twitter.com/IXo4NpDVw9
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