3 अक्टूबर का दिन मराठी संस्कृति और गौरव के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। इस दिन को मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस (अभिजात भाषा दिवस) के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के तमाम दिग्गज नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के मराठी भाषियों को बधाई दी और भाषा की समृद्ध विरासत को नमन किया।
मराठी गौरव की पुनर्स्थापना: देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संदेश में कहा कि 3 अक्टूबर 2024 का दिन महाराष्ट्र की पहचान के सम्मान का दिन है। उन्होंने मराठी को आधिकारिक तौर पर शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलाने में योगदान देने वाले सभी गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।
ऐतिहासिक निर्णय का जश्न: एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसले को याद किया। उन्होंने कहा कि यह दर्जा मिलना मराठी भाषा का वास्तविक सम्मान है। उन्होंने उन सभी लोगों की सराहना की जिन्होंने इस उपलब्धि को संभव बनाने के लिए निरंतर संघर्ष किया।
सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व: सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मराठी को अपनी मातृभाषा बताते हुए कहा कि संतों के अभंगों से लेकर आधुनिक साहित्य तक, मराठी ने हर युग में खुद को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा को उसका उचित स्थान मिलते देखना हर मराठी व्यक्ति के लिए संतोषजनक है।
साहित्यिक परंपरा का सम्मान: शरद पवार एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मराठी ने सदियों से संत परंपरा और लोक-संस्कृति को पोषित किया है। उन्होंने जोर दिया कि यह दर्जा सिर्फ एक मान्यता नहीं, बल्कि भाषा की लंबी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, जिसे सुरक्षित रखना नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है।
वैश्विक स्तर पर पहचान का संकल्प: सुप्रिया सुले सांसद सुप्रिया सुले ने मराठी की मिठास को रेखांकित करते हुए लोगों से अपील की कि वे इस भाषा की ख्याति को विश्व स्तर पर फैलाने का संकल्प लें। उन्होंने मराठी के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त करते हुए इसे अपनी पहचान बताया।
संरक्षण और प्रोत्साहन की शपथ: रवींद्र चव्हाण और छगन भुजबल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने भाषा को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने मराठी को अमूल्य धरोहर करार दिया। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों की संस्कृति को संजोकर रखना और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना ही हमारा मुख्य कर्तव्य है।
महाराष्ट्राच्या अस्मितेचा गौरव करणारा मराठी अभिजात भाषा दिवस!
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) October 3, 2026
3 ऑक्टोबर, 2024 या दिवशी मराठी भाषेला अभिजात भाषा म्हणून राजमान्यता मिळाली. माय मराठीला हा बहुमान मिळवून देणाऱ्या सर्व थोरा-मोठ्यांचे मनःपूर्वक आभार!#मराठी_अभिजात_भाषा_दिवस#MarathiAbhijatBhashaDivas… pic.twitter.com/ZhA4CugeL7
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