बिहार में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। गंगा और कोसी के बाद अब गंडक नदी की विकराल लहरों ने राज्य के 6 जिलों में जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर में बाढ़ के कारण करीब 2.03 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
तटबंधों पर टूटा संकट का पहाड़ गंडक नदी का जलस्तर पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ा है, जिससे पिछले चार दिनों के भीतर करीब 14 स्थानों पर तटबंधों में दरारें आई हैं या वे पूरी तरह टूट गए हैं। सारण के मकेर और हजालपुर के पास तटबंध टूटने से पानी गांवों में घुस गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दृश्यों में एक मकान को पानी के तेज बहाव में ढहते देखा जा सकता है, जो तबाही की भयावहता बयां करता है।
खतरे के निशान से ऊपर कई नदियां सिर्फ गंडक ही नहीं, राज्य की कई अन्य नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गंगा (पटना), कोसी (सुपौल, खगड़िया), बूढ़ी गंडक, बागमती और पुनपुन नदियां उफान पर हैं। वैशाली के लालगंज और मुजफ्फरपुर के रेवाघाट में जलस्तर अपने उच्चतम स्तर (HFL) को पार कर चुका है, जिससे निचले इलाकों में हड़कंप मचा है।
युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव के लिए कुल 41 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें NDRF की 14 और SDRF की 27 टीमें शामिल हैं। राज्य सरकार ने युद्धस्तर पर राहत सामग्री की पैकेजिंग शुरू कर दी है। पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सूखा राशन जैसे चूड़ा, सत्तू, चना, चीनी, मसाला, ORS और मोमबत्ती के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं।
प्रशासन की सख्त निगरानी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत वितरण में कोई कोताही न बरती जाए। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित जिलों के डीएम और एसपी के साथ बैठक की। जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से दूर-दराज के इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
भोजन और चारे का गहरा संकट बाढ़ के कारण लोगों के सामने भोजन, दवाइयों और पशु चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हजारों ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों या बांधों पर शरण लेने को मजबूर हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग खुले आसमान के नीचे रहने को लाचार हैं। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और तटबंधों को और अधिक टूटने से बचाने की है।
*#WATCH | Bihar Chief Minister Samrat Choudhary inspects preparations amid the flood situation in Bihar, as dry ration is being packed at Shri Krishna Memorial Hall in Patna for distribution among people in the affected districts. pic.twitter.com/26bFBwS2KO
— ANI (@ANI) October 1, 2026
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