एशियन गेम्स 2026: 17 साल की कुमकुम का इतिहास रचने का दम, गोल्ड से बस एक कदम दूर
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एशियन गेम्स 2026 में भारत की युवा तीरंदाज कुमकुम मोहद ने अपनी अचूक निशानेबाजी से पूरे विश्व को हैरान कर दिया है। 17 वर्षीय इस खिलाड़ी ने विमेंस इंडिविजुअल रिकर्व स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रचने की दहलीज पर कदम रख दिया है।

सेमीफाइनल में चीनी दीवार को दी मात सेमीफाइनल मुकाबले में कुमकुम का सामना चीन की अनुभवी तीरंदाज झू जिंगयी से था। कुमकुम ने पूरे मैच में गजब का संयम दिखाया। अंतिम सेट में जब मैच रोमांचक मोड़ पर था, कुमकुम को जीत पक्की करने के लिए आखिरी तीर पर परफेक्ट 10 की जरूरत थी। उन्होंने बिना किसी दबाव के सटीक निशाना साधते हुए 6-2 से मुकाबला अपने नाम किया और फाइनल का टिकट कटाया।

दिग्गजों को हराकर फाइनल का सफर कुमकुम की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने फाइनल तक पहुंचने के लिए दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को धूल चटाई है। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की ओलंपिक चैंपियन कांग चेयॉन्ग जैसी दिग्गज को 6-4 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। वहीं, सेमीफाइनल में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट को बाहर का रास्ता दिखाया।

फाइनल में कोरियाई चुनौती अब कुमकुम की नजरें गोल्ड मेडल पर टिकी हैं। शनिवार सुबह 7:20 बजे (भारतीय समयानुसार) होने वाले फाइनल मुकाबले में उनका सामना दक्षिण कोरिया की येजिन ओह से होगा। यदि कुमकुम यह मुकाबला जीतती हैं, तो वह एशियन गेम्स के इतिहास में इंडिविजुअल रिकर्व में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन जाएंगी।

पदकों की हैट्रिक की ओर कदम इस बार के एशियन गेम्स कुमकुम के लिए बेहद यादगार रहे हैं। वह पहले ही अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ मिलकर विमेंस टीम इवेंट में भारत को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिला चुकी हैं। इसके अलावा, मिक्स्ड टीम इवेंट में उन्होंने सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया है।

अब सबकी निगाहें कुमकुम के उस तीसरे निशाने पर हैं, जो भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख सकता है।

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