2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई वीर पहाड़िया की फिल्म प्रेम कीटाणु इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म की कहानी से ज्यादा लोग इसके अनोखे नाम को लेकर उत्सुक हैं। आखिर प्यार को कीटाणु क्यों कहा गया है? क्या फिल्म में प्रेम को किसी बीमारी की तरह दिखाया गया है? आइए जानते हैं इस फिल्म के पीछे का पूरा ताना-बाना।
कीटाणु शब्द का अर्थ ऐसी चीज से है जो अदृश्य रूप से फैलती है और धीरे-धीरे पूरे शरीर या जीवन पर असर डालती है। फिल्म में प्यार को भी इसी नजरिए से दर्शाया गया है। जैसे किसी को पता नहीं चलता कि उसे कब और कैसे प्यार हुआ, लेकिन धीरे-धीरे यह एहसास उसकी सोच, व्यवहार और फैसलों को बदलने लगता है। यह नाम युवाओं के उन उलझे हुए एहसासों को दर्शाता है, जो अनचाहे ही उनके जीवन में प्रवेश कर जाते हैं।
फिल्म 23 वर्षीय बीटेक ग्रेजुएट विशाल ठाकुर (वीर पहाड़िया) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने करियर और भविष्य को लेकर काफी भ्रमित है। विशाल अमेरिका जाना चाहता है, लेकिन पारिवारिक और आर्थिक बाधाएं उसके रास्ते में हैं। इसी बीच उसकी मुलाकात सुहानी शर्मा (आफिया सैयद) से होती है। उनकी नोकझोंक धीरे-धीरे प्यार में बदल जाती है, लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब सुहानी के बॉस रंजीत (अपारशक्ति खुराना) की एंट्री होती है।
फिल्म सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं है, बल्कि यह कॉलेज के बाद आने वाली जिम्मेदारियों और खुद को तलाशने की कहानी भी है। निर्देशक अपूर्व सिंह कार्की ने इसे आज की युवा पीढ़ी की दोस्ती, करियर की अनिश्चितता और रिश्तों की उलझनों के साथ बखूबी पिरोया है। फिल्म का संदेश यह है कि प्यार से ज्यादा जरूरी है खुद के अस्तित्व और अपने सपनों को समझना।
फिल्म को लेकर काफी कंफ्यूजन रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रेम कीटाणु साल 2024 की ब्लॉकबस्टर मलयालम फिल्म प्रेमालु (Premalu) का आधिकारिक हिंदी रीमेक है। जहां मूल फिल्म की सेटिंग हैदराबाद थी, वहीं हिंदी वर्जन में कहानी को उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के बैकग्राउंड में ढाला गया है।
फिल्म में वीर पहाड़िया ने अपनी बॉलीवुड पारी की शुरुआत की है, वहीं आफिया सैयद ने सुहानी के किरदार में अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है। निखिल विजय ने विशाल के दोस्त मगन के रूप में हास्य का तड़का लगाया है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व सिंह कार्की ने किया है और इसे गौरव वर्मा ने प्रोड्यूस किया है।
प्रेम कीटाणु को दर्शकों से मिश्रित रिव्यू मिल रहे हैं। जहां कुछ लोग वीर पहाड़िया और आफिया की केमिस्ट्री और फिल्म के फ्रेश ह्यूमर की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ ने इसे मूल फिल्म प्रेमालु के मुकाबले थोड़ा कमजोर बताया है। कुछ दर्शकों का मानना है कि इसमें वह नैचुरल कॉमेडी नहीं है जो ओरिजिनल फिल्म में थी। इसके बावजूद, यह फिल्म उन युवाओं के लिए एक बार देखने लायक है जो प्यार और करियर की दोराहे पर खड़े हैं।
Finished watching this because the ‘Prem Keetanu’ trailer left me craving for more 🤌🏻
— Rahul Soni (@Dilli_Wala_BF) October 2, 2026
Such a fresh, sweet rom-com. Lead pair sharing great chemistry, an adorable friendship bond and not a single dull moment. Overall ‘Premalu’ was a solid 5/5🌟 #PremKeetanu #PremKeetanuReview pic.twitter.com/4btA1eOL8z
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