विमान गिर रहा था , PM मोदी की कॉल पर फफक पड़े कैप्टन स्मित: हनुमान चालीसा पढ़ते हुए बचाई 174 यात्रियों की जान
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नई दिल्ली: 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई 9 मिनट की वीडियो कॉल ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। हमले में बुरी तरह घायल होने के बावजूद अपनी सूझबूझ से विमान को बड़ी दुर्घटना से बचाने वाले कैप्टन स्मित ने उन विकट क्षणों का आंखों देखा हाल बयां किया।

सांसों के लिए लड़ रहा था, पर जहाज का अहसास था

पीएम मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि हमले के बाद वह घायल अवस्था में नीचे गिर गए थे। उन्होंने कहा, मैं अपनी सांसों के लिए लड़ रहा था, लेकिन एक अनुभवी पायलट होने के नाते मुझे आभास था कि विमान गिर रहा है। 17 साल का अनुभव था, तो आंखें बंद करके भी समझ सकता था कि विमान का रुख बिगड़ चुका है। मुझे लगा अगर अब कुछ नहीं किया तो सब खत्म हो जाएगा।

हनुमान चालीसा का सहारा

कैप्टन स्मित ने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खोलना ही आखिरी विकल्प था। उन्होंने कहा, मुश्किल घड़ियों में मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं, उस वक्त भी वही जप रहा था। भगवान ने ही उस समय मुझे हिम्मत दी और हम सब बच गए। अपनी बहादुरी का श्रेय उन्होंने अपने संस्कारों को दिया।

PM मोदी ने माता-पिता के संस्कारों को किया नमन

पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित के साहस की सराहना करते हुए कहा, आपने जो किया है, वह अविश्वसनीय है। मैं आपकी मां गीताबेन के संस्कारों को नमन करता हूं, जिन्होंने आपको ऐसे हालात में भी मजबूत बने रहना सिखाया। पीएम ने यह भी बताया कि उन्होंने स्मित की पत्नी सोनलबेन की हिम्मत देख कर भी संतोष जताया।

आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं

बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित खुद पर काबू नहीं रख सके और रो पड़े। उन्होंने कहा, सर, आपने फोन किया, यह मेरे लिए गर्व की बात है। आपने जिस तरह मेरा हौसला बढ़ाया, उसके लिए मैं शब्दों में धन्यवाद नहीं दे सकता। आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं।

अभी कैसी है कैप्टन की हालत?

फ्लाईदुबई के इस पायलट का शुरुआती इलाज सऊदी अरब के तबूक में हुआ था, जिसके बाद उन्हें यूएई शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल, उनका इलाज अबू धाबी के अस्पताल में चल रहा है। भारत के यूएई में राजदूत दीपक मित्तल ने उनसे मुलाकात की है और बताया है कि स्मित की हालत स्थिर है। वह अब मुस्कुरा रहे हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं।

गुजरात सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

कैप्टन स्मित की बहादुरी का लोहा पूरी दुनिया मान रही है। गुजरात सरकार ने उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार देने का ऐलान किया है। वहीं, रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल की ओर से भी उन्हें सम्मानित किया जा सकता है। 17 साल के करियर में 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव रखने वाले कैप्टन स्मित ने साबित कर दिया है कि एक साहसी पायलट के लिए यात्रियों की जान सबसे ऊपर होती है।

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