आसमान में मौत का साया: कैसे एक प्लंबर ने बचाई 174 यात्रियों की जान?
News Image

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (Flydubai) की फ्लाइट में कुछ मिनट ऐसे आए, जिसने 174 यात्रियों की सांसें थमा दी थीं। कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच हुआ खूनी संघर्ष विमान को एक बड़ी तबाही की ओर ले जा रहा था, लेकिन कुछ यात्रियों की सजगता ने इसे टाल दिया।

प्लंबर बना फरिश्ता

इस घटना में सबसे बड़ा नाम इजराइली नागरिक यानिव हायून का सामने आया है। पेश से प्लंबर हायून उस समय विमान के क्रू का हिस्सा नहीं थे, लेकिन कॉकपिट से आती चीखें सुनकर वह अपनी सीट से उठे। उन्होंने बड़ी बहादुरी दिखाते हुए अन्य यात्रियों के साथ मिलकर हमलावर को काबू किया। दिलचस्प बात यह है कि हायून का कहना है कि उन्हें संकट के समय ऐसी स्थिति से निपटने का आइडिया एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन जैसे टीवी शोज देखकर मिला।

क्या प्लंबर वाकई मोसाद एजेंट था?

सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद एक नई थ्योरी ने जन्म लिया। लोगों ने दावा किया कि प्लंबर उनका असली पेशा नहीं, बल्कि मोसाद एजेंट का कोडनेम है। हालांकि, किसी भी आधिकारिक रिपोर्ट में उनके खुफिया एजेंसी से जुड़े होने का कोई सबूत नहीं है। फिलहाल, उन्हें एक आम यात्री और प्लंबर के तौर पर ही देखा जा रहा है, जिन्हें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हीरो का खिताब दिया है।

कॉकपिट का वह घातक हथियार

शुरुआती रिपोर्ट्स में हमले के लिए चाकू का जिक्र था, लेकिन इजराइली प्रधानमंत्री ने संकेत दिए कि हमलावर ने क्रैश एक्स (Crash Axe) का इस्तेमाल किया हो सकता है। यह कोई बाहरी हथियार नहीं, बल्कि फ्लाइट सेफ्टी नियमों के तहत कॉकपिट में रखा जाने वाला एक आपातकालीन उपकरण है, जिसका उपयोग आग लगने या मलबे को हटाने के लिए किया जाता है।

जख्मी कैप्टन ने खोला दरवाजा

इस पूरी घटना में भारतीय कैप्टन स्मित माछर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन माछर ने अपनी आखिरी ताकत बटोरकर कॉकपिट का दरवाजा खोला। उनके इस कदम ने यानिव हायून और अन्य यात्रियों के लिए रास्ता तैयार किया, जिससे वे हमलावर को काबू कर सके। इसके बाद, विमान में सवार ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कमान संभाली और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंड कराया।

सामूहिक सूझबूझ से बची जान

यह त्रासदी सिर्फ एक व्यक्ति की बदौलत नहीं टली। इसमें कैप्टन का धैर्य, यात्रियों का साहस, और एक डॉक्टर यात्री की ओर से घायल पायलट को दी गई प्राथमिक चिकित्सा का बड़ा योगदान रहा। सभी की सामूहिक प्रतिक्रिया ने उस दिन हवा में एक बड़ी दुर्घटना को होने से रोक लिया।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

नई दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम मोहन यादव, 2027 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया न्योता

Story 1

बिग बॉस 20: मिड-वीक एविक्शन से घर में हड़कंप, इस कंटेस्टेंट का सफर हुआ खत्म

Story 1

एशियन गेम्स 2026: श्रीलंका को 124 रनों से रौंदकर भारत फाइनल में, गोल्ड के लिए अब पाकिस्तान से होगी जंग

Story 1

शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर संकट, स्थानीय लोगों ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी

Story 1

सिंधु जल समझौता: गीदड़ भभकी नाकाम, अब पानी के लिए गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान

Story 1

एक कचोरी, दो समोसा: वायरल नारे का मतलब क्या है और क्यों चर्चा में आए हिमंत बिस्वा सरमा?

Story 1

एशियन गेम्स 2026: गोल्ड के लिए महायुद्ध, क्या भारत फिर करेगा पाकिस्तान का काम तमाम ?

Story 1

आसमान में मौत को मात: भारतीय पायलट स्मित मच्छार बने हीरो , ट्रंप ने की बहादुरी की सराहना

Story 1

‘माफिया के सामने घुटने टेकने का दौर खत्म’: सीएम योगी ने बताया यूपी की बदली तस्वीर

Story 1

174 जिंदगियां बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार: पड़ोसियों ने खोली बचपन के हीरो की यादों की पिटारी