मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से आई बच्चों की मौतों की खबर ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पिछले तीन महीनों में 36 बच्चों की मौत के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इसे प्रशासनिक अनदेखी और सरकारी हत्याएं करार दिया है।
केवल कागजों पर खर्च होता है बजट जीतू पटवारी का आरोप है कि सरकार केवल बजट का आवंटन दिखाती है, लेकिन धरातल पर उसका कोई असर नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रियता तब जागती है जब मासूमों की जान चली जाती है और आनन-फानन में मेडिकल कैंप लगाए जाते हैं। पटवारी ने सवाल किया कि बच्चों की मौत से पहले स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी क्या थी?
नक्सलवाद के नाम पर खोखले दावे पटवारी ने सरकार के नक्सलवाद मुक्त दावों पर तंज कसा। उन्होंने कहा, पूरे देश में विज्ञापन दिए गए और सम्मेलन कर वाहवाही लूटी गई कि नक्सलवाद खत्म हो गया है। लेकिन जिन नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में आप विकास का दावा करते हैं, वहां अस्पताल, डॉक्टर और स्कूल क्यों नहीं हैं? क्या आजादी के 80 साल और बीजेपी के 25 साल के शासन के बाद भी आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाएं न होना सरकार की विफलता नहीं है?
भ्रष्टाचार का कैंसर और आदिवासी जिलों की बदहाली कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का कैंसर फैल चुका है, जिसकी चपेट में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सबसे पहले आई हैं। उन्होंने बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी और झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के लिए आवंटित बजट का 90 प्रतिशत हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। उन्होंने पूछा कि पिछले वर्षों में आदिवासी विकास के लिए आवंटित हजारों करोड़ रुपये आखिर गए कहाँ?
स्वास्थ्य मंत्री को बताया मौत का सौदागर जीतू पटवारी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शुक्ल को मौत का सौदागर बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री केवल खानापूर्ति के लिए बालाघाट गए थे, जबकि उन्हें जमीनी हकीकत की कोई चिंता नहीं है।
बदहाल स्वास्थ्य मॉडल पर सवाल पटवारी ने साफ कहा कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज 36 मौतें तो महज एक बानगी हैं, असल में सैकड़ों बच्चों ने दम तोड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार अपनी कार्यशैली और स्वास्थ्य मॉडल में बदलाव नहीं करती, तब तक ऐसी दुखद घटनाएं होती रहेंगी। विपक्ष के नाते कांग्रेस इन मुद्दों को सड़क से सदन तक उठाने का काम जारी रखेगी।
*#WATCH | Balaghat, Madhya Pradesh: On the Balaghat incident, Congress leader Jitu Patwari says, ...Advertisements were put up across the country, summits were held, and praise was garnered that Naxalism has been eradicated... In those Naxal-affected areas where you talk about… pic.twitter.com/dOqRCKO13T
— ANI (@ANI) October 1, 2026
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