जब हवा में होते हैं तो कौन बचाएगा? 174 यात्रियों के हीरो पायलट का पुराना वीडियो हुआ वायरल
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हाल ही में फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस बीच, उनका एक साल पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे हवा में आने वाली आपात स्थितियों और केबिन क्रू की अहमियत पर बात करते नजर आ रहे हैं।

जब ऊपर कुछ हो जाए, तो कौन बचाएगा? बोनाफाइड बैंटर पॉडकास्ट में स्मित मच्छार ने एक बेहद गंभीर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था, जब हम आसमान की ऊंचाइयों पर होते हैं और कुछ अनहोनी हो जाए, तो आपको बचाने कौन आएगा? उन्होंने समझाया कि ऐसी स्थिति में यात्रियों के लिए प्रशिक्षित केबिन क्रू का होना कितना महत्वपूर्ण होता है।

क्रू की ट्रेनिंग बचाती है जान पॉडकास्ट में मच्छार ने स्पष्ट किया कि केबिन क्रू डॉक्टर तो नहीं होते, लेकिन उन्हें मेडिकल इमरजेंसी और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए इस तरह प्रशिक्षित किया जाता है कि वे किसी की जान बचा सकें। उन्होंने कहा, भले ही वे सर्जरी न कर सकें, लेकिन सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों में उनकी सूझबूझ निर्णायक होती है।

कॉकपिट में हुआ खौफनाक संघर्ष स्मित मच्छार की यह बात तब सच साबित हुई जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में उनके ही सह-पायलट ने विमान को क्रैश करने की साजिश रची। हमले में घायल होने के बावजूद, मच्छार ने हार नहीं मानी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने का मैकेनिज्म चालू कर दिया। इससे क्रू और यात्री अंदर घुस पाए और हमलावर को काबू कर लिया।

बचपन में पायलट बनने का कोई प्लान नहीं था सादगी पसंद स्मित ने इंटरव्यू में यह भी खुलासा किया कि एविएशन उनका बचपन का सपना नहीं था। वे अपने परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते थे और इसके लिए मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे थे। एक एविएशन सेमिनार ने उनके करियर की दिशा बदल दी। जब उन्होंने 19 साल की उम्र में उड़ान भरने का फैसला किया, तो उनकी मां काफी डरी हुई थीं, क्योंकि उस समय एविएशन में करियर को आज जैसा सुरक्षित नहीं माना जाता था।

दुनिया भर में हो रही तारीफ स्मित मच्छार की इस बहादुरी ने उन्हें रातों-रात वैश्विक नायक बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी साहस की सराहना की है। सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें भगवान का सबसे चहेता बच्चा बता रहे हैं। फिलहाल, घायल स्मित का सऊदी अरब के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां पूरा देश उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

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