आईएएस से राजनीति में दिव्या मित्तल की एंट्री: राजा भैया की पार्टी के पोस्ट ने बढ़ाई हलचल
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सियासत का नया समीकरण पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने के ऐलान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुगबुगाहट तेज कर दी है। इसी बीच, कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पार्टी, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का केंद्र बन गया है।

क्या राजा भैया और दिव्या मित्तल साथ आएंगे? डॉ. राजावत ने एक्स पर राजा भैया और दिव्या मित्तल की एक तस्वीर साझा की है। उन्होंने लिखा, राजनीति के कुरुक्षेत्र में स्वागत है! IAS का अनुभव + राजा भैया की जमीनी पकड़ = क्या यूपी में नई दिशा की शुरुआत? इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगा दी हैं कि क्या भविष्य में दिव्या मित्तल और राजा भैया का गठबंधन हो सकता है।

दिव्या मित्तल का रुख स्पष्ट हालाँकि, अटकलों के बीच दिव्या मित्तल ने अपने हालिया वीडियो संदेश में अपना स्टैंड साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी मौजूदा राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ेंगी। उनका कहना है कि वे राजनीति में अकेले चलेंगी। उन्होंने कहा, मेरा मकसद राजनेता बदलना नहीं, बल्कि पूरी राजनीति को बदलना है।

क्यों दिया आईएएस पद से इस्तीफा? 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रहीं दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दिया था। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर, बरेली, संतकबीरनगर और मिर्जापुर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

शोर नहीं, सोच वाली राजनीति दिव्या मित्तल ने वीडियो में कहा कि वे उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं जिनकी बात प्रशासन में अनसुनी कर दी जाती है। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा, हमारी राजनीति में सत्ता है, शिलान्यास है और शोर है, लेकिन दूरदर्शी सोच का अभाव है। मुझे आजादी के 80 वर्षों का हिसाब चाहिए।

सीधा मुकाबला या स्वतंत्र राह? दिव्या मित्तल ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं कि वे एक नई लकीर खींचना चाहती हैं। भले ही जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने उनका स्वागत किया हो, लेकिन दिव्या का अकेले चलने का संकल्प यह बताता है कि यूपी की राजनीति में वे एक स्वतंत्र और नई विचारधारा के साथ खड़ी होना चाहती हैं। आने वाले दिनों में उनका अगला कदम ही तय करेगा कि वे राजनीति के इस कुरुक्षेत्र में क्या बदलाव ला पाती हैं।

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