भारतीय एथलीट शाइली सिंह का हालिया लॉन्ग जंप इवेंट विवादों में घिर गया है। शाइली की मेंटर और दिग्गज एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने माप (measurement) में धांधली का गंभीर आरोप लगाया है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले में क्या हुआ और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) क्यों कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहा है।
1. विवाद की जड़: माप में हेरफेर का आरोप विवाद शाइली के चौथे प्रयास (jump) को लेकर है। आरोप है कि लैंडिंग पिट के पास मौजूद अधिकारी ने पहले शाइली के पैर के असली निशान को चिन्हित किया था, लेकिन बाद में दूर खड़े एक अन्य अधिकारी ने उससे पीछे के निशान को मापने का इशारा किया। इससे शाइली की आधिकारिक दूरी कम हो गई, जिससे वह मेडल की दौड़ से बाहर हो गईं।
2. शाइली और टीम का विरोध प्रतियोगिता के दौरान ही शाइली और उनकी टीम ने इस फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। टीम ने अधिकारियों से साइड एंगल का वीडियो दिखाने की मांग की, क्योंकि उनका मानना था कि सामने से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में पैरों के निशान की सटीक स्थिति का पता नहीं चल सकता। अधिकारियों ने इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
3. चौथे स्थान पर रहीं शाइली इस पूरे विवाद के बीच, शाइली सिंह का सर्वश्रेष्ठ आधिकारिक प्रयास 6.42 मीटर दर्ज किया गया, जिससे वह चौथे स्थान पर रहीं। वहीं, भारत की एक अन्य खिलाड़ी एंसी सोजन ने 6.53 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने 6.55 मीटर के साथ गोल्ड अपने नाम किया।
4. दांव पर था ब्रॉन्ज मेडल अगर चौथे प्रयास की माप सही होती और दूरी के आंकड़े बेहतर होते, तो शाइली सिंह के पास ब्रॉन्ज मेडल जीतने का पूरा मौका था। शाइली ने खुद भी ऑन-फील्ड अपनी असहमति जताई थी, लेकिन उस समय नियमों के तहत खेल जारी रहा और उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।
5. अब CAS में होगी मामले की सुनवाई एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अंजू बॉबी जॉर्ज और AFI के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वे इस फैसले के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) का रुख करेंगे। स्विट्जरलैंड स्थित CAS खेलों से जुड़े विवादों की अंतिम अंतरराष्ट्रीय अदालत है।
क्या यह तकनीकी गलती थी या जानबूझकर की गई चूक? यह अब कोर्ट की जांच का विषय है। भारतीय फैंस के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शाइली सिंह को न्याय मिल पाता है।
Could Shaili have got Bronze
— nnis Sports|Asian GamesAthletics (@nnis_sports) September 28, 2026
While we would have loved to see India win a bronze in long jump, the rules and regulations at international events are clear.
If the federation believed there had been a measurement error, it had the option to lodge a formal protest.
Shaili Singh… pic.twitter.com/vIhpesxcvT
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