एशियन गेम्स में मनु भाकर का निराशाजनक सफर: पिता ने आयोजकों पर साधा निशाना, बदबूदार रेंज और खराब प्रबंधन का आरोप
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जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारत के लिए शूटिंग इवेंट काफी निराशाजनक रहे। पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचने वाली स्टार शूटर मनु भाकर इस बार एशियन गेम्स से बिना कोई मेडल जीते खाली हाथ लौटीं। मनु के इस खराब प्रदर्शन के बाद उनके पिता राम किशन भाकर ने आयोजकों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पदक की उम्मीद और पांचवां स्थान
भारतीय टीम, जिसमें ईशा सिंह, मनु भाकर और राही सरनोबत शामिल थीं, महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम इवेंट में पांचवें स्थान पर रही। मनु व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी फाइनल का टिकट कटाने में नाकाम रहीं। पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली मनु से प्रशंसकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस बार उनका निशाना भटक गया।

राही सरनोबत के शॉट ने बदली तकदीर
हार के बाद मनु के पिता राम किशन ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार दिख रही टीम राही सरनोबत के एक शॉट के कारण पिछड़ गई। उन्होंने बताया कि उस शॉट से टीम को कोई अंक नहीं मिला, जिससे वे प्रतियोगिता से 10 अंक पीछे हो गए।

शूटिंग रेंज में आती है गटर की बदबू
राम किशन भाकर ने आयोजन स्थल की खराब परिस्थितियों का भी पर्दाफाश किया। उन्होंने सनसनीखेज दावा किया कि शूटिंग रेंज के पास नाले की बदबू आती है, जिससे एथलीटों का ध्यान भटकता है। उन्होंने कहा, एथलीट ऐसे दुर्गंधयुक्त माहौल में शूटिंग करने को मजबूर हैं। यह वाकई हैरान करने वाला है।

दूरी और यात्रा की झंझट से खिलाड़ी परेशान
सिर्फ बदबू ही नहीं, बल्कि शूटिंग रेंज की शहर से अत्यधिक दूरी भी खिलाड़ियों के लिए सिरदर्द बनी रही। राम किशन के अनुसार, एथलीटों को हर दिन आना-जाने में 4 से 5 घंटे का समय बर्बाद करना पड़ा। साथ ही, बस के अनियमित समय ने खिलाड़ियों की थकान और तनाव को और बढ़ा दिया।

आयोजकों पर बरसे पिता
व्यवस्था से भड़के राम किशन ने जापान की मेजबानी पर सवाल उठाते हुए कहा, जापान को ऐसे बड़े इवेंट्स की मेजबानी तब तक नहीं करनी चाहिए जब तक वे बुनियादी सुविधाओं को बेहतर न कर लें। अगर उन्हें बड़े खेल आयोजित करने हैं, तो उन्हें एथलीटों के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करना होगा।

फॉर्म का दिखा अभाव
एशियाई खेलों से पहले मनु भाकर शानदार लय में थीं। उन्होंने वर्ल्ड कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में लगातार पदक जीते थे। हालांकि, नागोया की इस चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मनु की लय जवाब दे गई, जिससे भारत का एशियाई खेलों में शूटिंग का सफर इस बार फीका रहा।

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