गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक: ₹100 करोड़ के खेल उत्कर्ष मिशन से बदलेगी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की किस्मत
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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी मुहिम छेड़ दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू किए गए मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन का उद्देश्य केवल खेल आयोजित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी अंचल के छिपे हुए रत्नों को तराशकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाना है।

प्रतिभा खोज से प्रशिक्षण तक का विजन सरकार का पूरा जोर जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने पर है। इस मिशन के तहत न केवल खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि उन्हें बड़े मंचों के लिए तैयार भी किया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस मिशन के अंतर्गत ₹100 करोड़ का बड़ा बजट आवंटित किया गया है।

वनांचल में खेल का नया दौर बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक की अपार सफलता छत्तीसगढ़ के लिए गेम चेंजर साबित हुई है। बस्तर ओलंपिक में लगभग 3.91 लाख युवाओं ने भाग लेकर यह साबित कर दिया है कि राज्य के सुदूर इलाकों में अद्भुत खेल क्षमता है। अब इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को सीधे मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इन चयनित खिलाड़ियों के अनुभवों का उपयोग भविष्य की नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने और उनका मार्गदर्शन करने में किया जाए।

आधुनिक अधोसंरचना पर करोड़ों का निवेश प्रदेश में खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के प्रयास जारी हैं। रायपुर में ₹60 करोड़ की लागत से आर्चरी अकादमी और जशपुर के पंडरापाठ में ₹25 करोड़ की लागत से आर्चरी अकादमी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आगामी नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार करना है।

प्रोत्साहन और प्रशासनिक विस्तार सरकार ने हाल ही में 666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को ₹1.74 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि देकर उनका उत्साहवर्धन किया है। साथ ही, खेल प्रशासन को मजबूत करने के लिए प्रदेश के कई नए जिलों में खेल अधिकारी के पदों का सृजन भी किया गया है। छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत अलग से ₹57 करोड़ का प्रावधान खिलाड़ियों की आर्थिक मदद के लिए रखा गया है।

खेल विभाग के इस समग्र दृष्टिकोण से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ अब केवल खेलों के आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह राज्य देश के स्पोर्ट्स हब के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की राह पर अग्रसर है।

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