दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने यूक्रेन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है। मामला उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों के हस्तांतरण से जुड़ी गोपनीयता समझौते के उल्लंघन से जुड़ा है।
क्या है पूरा विवाद? दक्षिण कोरिया का आरोप है कि यूक्रेन ने दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को सियोल भेजने के मामले में हुए गुप्त समझौते का न केवल उल्लंघन किया, बल्कि मामले को सार्वजनिक कर के झूठ भी फैलाया। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय के वरिष्ठ सचिव सियोंग घी-होंग ने कहा कि यह हरकत दोनों देशों के आपसी भरोसे को गंभीर नुकसान पहुँचाने वाली है।
समझौते का मकसद और यूक्रेन का दांव सियोल के अनुसार, यह समझौता इसलिए किया गया था ताकि युद्धबंदियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कूटनीतिक और सुरक्षा कारणों से इसे गुप्त रखा जाना अनिवार्य था। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के दौरान खुलेआम इस ट्रांसफर का जिक्र कर दिया।
यूक्रेन पर लगा झूठ का आरोप तनाव तब और बढ़ गया जब यूक्रेनी मीडिया में राष्ट्रपति कार्यालय के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया कि ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं था। दक्षिण कोरिया ने इस दावे को पूरी तरह झूठा करार दिया है। सियोंग ने कहा कि जेलेंस्की सरकार ने घरेलू आलोचना से बचने और इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए सच को छिपाने की कोशिश की है।
यूएन में जेलेंस्की का बयान बना मुसीबत यूएन में अपने भाषण के दौरान जेलेंस्की ने कुर्स्क इलाके से पकड़े गए उत्तर कोरियाई सैनिकों का जिक्र करते हुए कहा था, हाल ही में हमने दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को दक्षिण कोरिया भेजा है। जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि इन सैनिकों को किम जोंग उन ने रूसी सेना की मदद के लिए भेजा था, जहाँ उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।
आगे क्या हो सकता है? दक्षिण कोरिया ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले को हल्के में नहीं लेगा। सियोंग के मुताबिक, सियोल अब भविष्य में उठाए जाने वाले कड़े कदमों पर विचार कर रहा है। फिलहाल दक्षिण कोरिया ने मांग की है कि यूक्रेन इस घटना पर सफाई दे और अपनी गलती मानते हुए माफी मांगे। इस कूटनीतिक तनातनी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक नया और पेचीदा अध्याय जोड़ दिया है।
Recently, we sent two North Korean prisoners of war to the Republic of Korea… These guys are not easy to capture alive. One of them, when he realized he was going to be taken prisoner, tried to kill himself. And he was shocked that fate did not let him die.
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) September 24, 2026
This is how they… pic.twitter.com/dHVmau3WFg
यूक्रेन ने तोड़ा गोपनीयता समझौता , दक्षिण कोरिया ने मांगी माफी; UN में मचा बवाल
देर रात तेज आवाज में भजन-कीर्तन पर भड़के अल्लू शिरीष, पुलिस से की शिकायत
हापुड़ में बागपत वॉर का पार्ट-2: समोसे की दुकान पर चले लाठी-डंडे और करछी, सड़क बनी अखाड़ा
बिना एक गेंद फेंके पाकिस्तान बना सेमीफाइनल का दावेदार: क्या भारत को भी मिलेगा रैंकिंग का फायदा?
क्या कुर्सी छोड़ेंगे चिराग पासवान? अपने ही बयानों में घिरे केंद्रीय मंत्री
LPU बवाल: अफवाहों ने भड़काया छात्रों का गुस्सा, DGP बोले- बल प्रयोग के बजाय बातचीत से निकाला समाधान
बिग बॉस 20: गुल्लू के हाथ में गेम चेंजर पावर, घरवालों के बीच मचेगी खलबली
सागर: बीच सड़क पर युवक की नृशंस हत्या, CCTV में कैद हुई दरिंदगी
वेस्टइंडीज पर भारत की धमाकेदार जीत, पर शशि थरूर को क्यों नहीं आया मज़ा ?
बोरवेल का काल: 10 घंटे की जंग हारी नन्ही नेहा, अस्पताल में डॉक्टर ने दिया दुखद संदेश