उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछने लगी है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान सपा-बसपा के पुराने शासनकाल पर कड़ा प्रहार किया, जिसके जवाब में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मोर्चा खोल दिया है।
नोएडा में एक ट्रेड शो के उद्घाटन के दौरान अमित शाह ने सीधे तौर पर पिछली सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा-बसपा के दौर में यूपी में अपराध की इंडस्ट्री चलती थी और कट्टा-तमंचा बनाना कुटीर उद्योग बन गया था। शाह ने दावा किया कि आज उसी जगह पर डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से कहीं बेहतर है।
शाह के आरोपों पर बसपा के राज्यसभा सांसद और केंद्रीय कोऑर्डिनेटर रामजी गौतम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए। गौतम ने दावा किया कि मायावती सरकार के कार्यकाल में ही गुंडाराज, माफिया राज और गुंडा टैक्स की वसूली पर पूर्ण विराम लगा था।
बसपा ने भाजपा सरकार को घेरने के लिए पेपर लीक के मुद्दे को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया है। रामजी गौतम ने आरोप लगाया कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती, UPTET और RO/ARO जैसी अनेक परीक्षाएं या तो रद्द हुईं या विवादों में रहीं। इसे उन्होंने भाजपा सरकार का पेपर लीक उद्योग करार दिया। साथ ही, सरकारी स्कूलों की संख्या घटने का दावा करते हुए इसे गरीब और ग्रामीण बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताया।
विवाद के बीच बसपा ने अपने शासनकाल (2007-2012) के शिक्षा मॉडल को भी सामने रखा। रामजी गौतम ने दावा किया कि उस दौर में हज़ारों प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थान खोले गए थे। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने दलित और पिछड़े इलाकों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाई थी, जबकि वर्तमान सरकार केवल संस्थानों को बंद या मर्ज करने का काम कर रही है।
यूपी की जनता के सामने अब दो अलग-अलग नैरेटिव हैं। भाजपा डिफेंस कॉरिडोर, निवेश और सुधरी कानून-व्यवस्था की बात कर रही है, तो वहीं बसपा सामाजिक कल्याण, पुरानी कानून-व्यवस्था और रोजगार के दावों को मुद्दा बना रही है। नकली दवाओं के मामले और जातीय तनाव जैसे मुद्दों के साथ यह बहस अब अधिक आक्रामक होने के संकेत दे रही है।
आगामी विधानसभा चुनाव तक शासन के इन रिकॉर्ड्स, आंकड़ों और दावों पर राजनीतिक घमासान और तेज होने के पूरे आसार हैं। यह अब जनता पर निर्भर करेगा कि वह अतीत के दावों और वर्तमान की हकीकत को किस नजरिए से देखती है।
*माननीय गृहमंत्री जी आपने अपने व्यक्तव्य में कहा उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार में उत्तर प्रदेश अपराध की इंडस्ट्री,कट्टा और तमंचा की इंडस्ट्री लगती थी। वाहन चुराने का कुटीर उद्योग लगता था, चैन स्नेचिंग का उद्योग था, माननीय गृहमंत्री जी जिस पद को आप सुशोभित कर रहे हैं उसे पद पर बिना… pic.twitter.com/uquaKHGIIG
— BSP (@Bsp4u) September 26, 2026
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