व्हाइट हाउस और अमेरिकी मीडिया के बीच चल रहे टकराव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बड़ा कानूनी झटका लगा है। अमेरिकी फेडरल जज टिमोथी केली ने ट्रम्प प्रशासन के उस फैसले को पलट दिया है, जिसके तहत CNN, MS NOW और पॉलिटिको के पत्रकारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
क्या है मामला? राष्ट्रपति ट्रम्प ने इन तीन प्रमुख मीडिया संस्थानों की व्हाइट हाउस में एंट्री पर रोक लगा दी थी। जवाब में, इन संस्थानों ने फर्स्ट अमेंडमेंट (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का हवाला देते हुए कोर्ट का रुख किया। इस बैन के विरोध में अन्य बड़े टीवी नेटवर्क्स ने भी व्हाइट हाउस की साझा लाइव कवरेज रोकने का निर्णय लिया था।
जज ने ट्रम्प प्रशासन को क्यों फटकारा? सुनवाई के दौरान जज टिमोथी केली ने स्पष्ट किया कि सरकार ने मीडिया संस्थानों को बैन करने से पहले अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया। जज ने कहा कि किसी के संवैधानिक अधिकारों को छीनने से पहले उचित प्रक्रिया और नोटिस देना अनिवार्य है। उन्होंने ट्रम्प प्रशासन को इन पत्रकारों की व्हाइट हाउस में पहुंच तुरंत बहाल करने का आदेश दिया।
प्रशासन की दलील और कानूनी तर्क ट्रम्प प्रशासन ने कोर्ट में तर्क दिया था कि व्हाइट हाउस में प्रवेश पत्रकारों का अधिकार नहीं, बल्कि एक सुविधा है। न्याय विभाग का कहना था कि सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति को किसी भी व्यक्ति को सरकारी परिसर में आने से रोकने का संवैधानिक अधिकार है।
अधिकार बनाम सुविधा का विवाद इस मामले में कोर्ट ने पुराने फैसलों का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि व्हाइट हाउस प्रेस एक्सेस को वापस लेने से पहले ड्यू प्रोसेस का पालन करना जरूरी है। यह फैसला प्रेसिडेंट ट्रम्प और अमेरिकी मीडिया के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है।
फिलहाल अदालत के इस फैसले के बाद मीडिया संस्थानों की पहुंच बहाल हो गई है, जिससे ट्रम्प प्रशासन की नीतियों को एक बार फिर कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ा है।
Federal Judge Timothy Kelly ordered the Trump administration to reinstate CNN, MS NOW and Politico s access to the White House after they were banned from the premises by President Donald Trump. https://t.co/b44SxbAsNm pic.twitter.com/K2bpriZU1d
— CNN (@CNN) September 24, 2026
रूस का खतरनाक जाल : 47 देशों के नागरिकों को युद्ध में झोंक रहा पुतिन, भारतीयों का भी जिक्र
NEET PG 2026: नतीजों का इंतज़ार खत्म, ऐसे चेक करें अपना स्कोरकार्ड और कटऑफ
ट्रंप-शी का रेयर-अर्थ गेम: वॉशिंगटन में भव्य स्वागत के पीछे की असली कूटनीति
UNGA में जेलेंस्की का बड़ा खुलासा: रूस बना रहा 47 देशों के नागरिकों को युद्ध का मोहरा
जमजम नहीं, शराब! अंसारुल्लाह ने खोली सऊदी सैन्य अड्डों की पोल पट्टी
कानून से ऊपर नहीं कोई सितारा: तुकाराम मुंढे की फिल्म स्टार्स को दो टूक, पब्लिक हेल्थ से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
मौत की बस: धुएं में लिपटी यात्रियों की चीखें, और हंसते रहे ड्राइवर-कंडक्टर
मंदार पर्वत पर नाबालिगों से बदसलूकी: दुपट्टा खींचने और पिटाई का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप
CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम: कॉकरोच जनता पार्टी ने फूंका आंदोलन का बिगुल
10 साल बाद अमेरिका पहुंचे शी जिनपिंग: ट्रंप ने तोड़ा प्रोटोकॉल, एयरपोर्ट पर किया भव्य स्वागत