चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए वॉशिंगटन सज चुका है। एक दशक से अधिक समय बाद यह उनकी पहली स्टेट विजिट है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद एयरबेस पर पहुंचकर शी का स्वागत किया, जहाँ रेड कार्पेट के साथ-साथ B-2 स्पिरिट और चार F-22 रैप्टर विमानों का सैन्य फ्लाईओवर आकर्षण का केंद्र रहा।
भव्य स्वागत के पीछे का रणनीतिक मैसेज ट्रंप का टारमैक पर स्वागत और सैन्य सम्मान केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश है। व्यापार, टैरिफ और ताइवान जैसे मुद्दों पर जारी तनाव के बीच यह भव्यता दर्शाती है कि अमेरिका संबंधों में मजबूती चाहता है। हालांकि, इस भारी-भरकम प्रोटोकॉल के पीछे एक खामोश लेकिन बेहद शक्तिशाली मुद्दा छिपा है, जो पूरी बातचीत की दिशा तय करेगा— रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज)।
चीन के पास नंबर वन हथियार: रेयर अर्थ रेयर अर्थ 17 तत्वों का एक समूह है, जिसके बिना आधुनिक दुनिया की कल्पना करना मुश्किल है। स्मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों और अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों तक, हर जगह इनकी जरूरत होती है। चीन का इस क्षेत्र में दबदबा इतना ज्यादा है कि वह वैश्विक माइनिंग का 70%, रिफाइनिंग क्षमता का 85% और मैग्नेट उत्पादन का 90% हिस्सा नियंत्रित करता है। अमेरिका के लिए यह निर्भरता एक बड़ी रणनीतिक कमजोरी बनी हुई है।
युद्ध की आहट और आपूर्ति का संकट अगर भविष्य में सैन्य टकराव बढ़ता है, तो मिसाइलों, ड्रोन और रडार जैसे रक्षा प्रणालियों के निर्माण के लिए इन खनिजों की निर्बाध आपूर्ति अनिवार्य हो जाएगी। यदि चीन अपनी सप्लाई चेन को हथियार बनाता है, तो यह अमेरिका के लिए केवल व्यापारिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक बड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा संकट बन सकता है। बीजिंग अतीत में भी निर्यात पर नियंत्रण लगाकर अपनी ताकत दिखा चुका है।
क्या होगा गिव एंड टेक ? बातचीत की मेज पर समीकरण साफ है: अमेरिका के पास एडवांस्ड चिप्स और टेक्नोलॉजी की ताकत है, तो चीन के पास सप्लाई चेन की चाबी। वॉशिंगटन चाहता है कि चीन रेयर अर्थ की आपूर्ति स्थिर रखे, वहीं बीजिंग चाहता है कि अमेरिका उसकी कंपनियों पर लगे तकनीकी प्रतिबंधों में राहत दे।
इन सात मोर्चों पर टिकी है दुनिया की नजर ट्रंप-शी वार्ता में केवल रेयर अर्थ ही नहीं, बल्कि सात बड़े मुद्दों पर दुनिया की नजर है:
क्या निकलेगा कोई ठोस समाधान? यह शिखर बैठक किसी बड़े समझौते पर खत्म होगी या केवल तनाव को नियंत्रित करने तक सीमित रहेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। ट्रंप के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि अमेरिकी रक्षा उद्योग चीन पर अपनी निर्भरता को कैसे कम कर सकता है। वॉशिंगटन में शी का यह भव्य स्वागत जितना दिखाई दे रहा है, बातचीत का असली दबाव उससे कहीं अधिक गहरा है।
WATCH: Chinese President Xi Jinping receives a high-profile welcome in Washington as President Donald Trump greets him with full ceremonial honours — a 100-foot red carpet, salute battery, 21-person honor cordon, US-China flags, national anthems, military formations, B-1 flyovers…
— Shalinder Wangu (@Wangu_News18) September 24, 2026
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